Sunday, March 22, 2026
राजस्थानRPSC का सख्त एक्शन: परीक्षा छोड़ी तो 'ब्लॉक' हो जाएगा OTR, दोबारा एक्टिव कराने के लिए देने होंगे ₹1500

RPSC का सख्त एक्शन: परीक्षा छोड़ी तो ‘ब्लॉक’ हो जाएगा OTR, दोबारा एक्टिव कराने के लिए देने होंगे ₹1500

अजमेर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने भर्ती परीक्षाओं में गंभीरता लाने और संसाधनों की बर्बादी रोकने के लिए एक बेहद सख्त कदम उठाया है। अब अगर कोई अभ्यर्थी बिना तैयारी के केवल ‘ट्रायल’ के लिए फॉर्म भरता है और परीक्षा देने नहीं जाता, तो उसका वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) ब्लॉक कर दिया जाएगा। इसे फिर से शुरू कराने के लिए अभ्यर्थियों को भारी जुर्माना चुकाना होगा।

क्या है नया नियम? (2 बार गैरहाजिर = OTR ब्लॉक)

कार्मिक विभाग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए दंड का प्रावधान किया गया है:

  • पहला झटका: यदि एक वित्तीय वर्ष में अभ्यर्थी दो परीक्षाओं में अनुपस्थित रहता है, तो उसकी OTR सुविधा ब्लॉक होगी। इसे बहाल कराने के लिए ₹750 का शुल्क देना होगा।
  • दूसरी बार गलती: यदि उसी वर्ष फिर से दो परीक्षाओं में गैरहाजिर रहे, तो सुविधा बहाल करने के लिए ₹1500 का जुर्माना देना होगा।

इन भर्तियों से शुरू होगी सख्ती

आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह नियम आगामी पशु चिकित्सा अधिकारी (1100 पद) और सहायक कृषि अभियंता भर्ती-2025 के संदर्भ में लागू किया गया है। इन दोनों भर्तियों की परीक्षा 19 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित है। आयोग का मानना है कि गैर-गंभीर अभ्यर्थियों के कारण परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था और पेपर छपवाने में सरकारी धन का भारी नुकसान होता है।

11 से 17 फरवरी तक ‘विंडो’ ओपन: ले सकते हैं नाम वापस

जो अभ्यर्थी परीक्षा देने के इच्छुक नहीं हैं या अनजाने में फॉर्म भर दिया है, उन्हें आयोग ने एक ‘सेफ एग्जिट’ का मौका दिया है:

  1. आवेदन वापसी: 11 से 17 फरवरी 2026 तक अभ्यर्थी अपना आवेदन वापस ले सकते हैं।
  2. संशोधन का मौका: नाम, फोटो, पिता का नाम और जेंडर को छोड़कर अन्य जानकारियों में सुधार भी इसी अवधि में किया जा सकेगा।
  3. डिबार होने का खतरा: यदि कोई अभ्यर्थी अपात्र है और फिर भी आवेदन वापस नहीं लेता, तो आयोग उसे भविष्य की परीक्षाओं से डिबार (Debar) भी कर सकता है।

सिस्टम पर बोझ कम करने की कवायद

RPSC के इस कदम का मुख्य उद्देश्य उन ‘डमी’ या ‘ट्रायल’ कैंडिडेट्स को रोकना है जो केवल अनुभव के लिए फॉर्म भरते हैं लेकिन परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुँचते। इससे वास्तविक और गंभीर अभ्यर्थियों के लिए बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित हो सकेगा।

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