जयपुर:राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की यूडीएच एईएन (सिविल) भर्ती परीक्षा 2022 में नकल के बड़े खेल का खुलासा करते हुए स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने गिरोह के सरगना अजीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। हरियाणा के हिसार का निवासी अजीत कुमार 50 लाख रुपये लेकर परीक्षा में नकल कराने वाले इस हाई-टेक गिरोह का मास्टरमाइंड है। एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि वर्ष 2023 में आयोजित इस परीक्षा की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया था कि अभ्यर्थी इन्द्राज सिंह की जगह किसी डमी कैंडिडेट ने परीक्षा दी थी, जिस पर वर्ष 2024 में मामला दर्ज किया गया था।
डमी कैंडिडेट ने उगला मास्टरमाइंड का नाम
एसओजी इस मामले में अब तक अभ्यर्थी इन्द्राज सिंह, उसके सहयोगी परमेश्वर लाल, सलमान खान और डमी कैंडिडेट गुरदीप दास को गिरफ्तार कर चुकी है। 27 फरवरी को पकड़े गए हरियाणा निवासी गुरदीप दास से गहन पूछताछ के बाद ही गिरोह के असली मास्टरमाइंड अजीत कुमार की भूमिका का खुलासा हुआ, जिसके बाद एसओजी ने दबिश देकर उसे धर दबोचा।
विदेश से मंगाई ‘जासूसी घड़ी’ से नकल
इस गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद आधुनिक और चौंकाने वाली है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने करीब 50 हजार रुपये खर्च कर विदेश से एक ऑनलाइन ‘स्मार्ट वॉच’ जैसी डिवाइस मंगवाई थी। इस डिवाइस में सिम कार्ड लगाने की सुविधा और इन-बिल्ट कैमरा लगा होता है, जो ब्लूटूथ से भी कनेक्ट हो जाता है। परीक्षा के दौरान इस डिवाइस से प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर एक पूर्व-निर्धारित नंबर पर भेजी जाती थी, जहाँ से गिरोह के अन्य सदस्य पेपर हल कर वापस उत्तर भेजते थे। एसओजी ने इस डिवाइस को जब्त कर लिया है और तकनीकी जांच जारी है।
10 राज्यों की बड़ी परीक्षाओं में लगाई सेंध
जांच में यह भी सामने आया है कि अजीत कुमार का यह गिरोह केवल राजस्थान तक सीमित नहीं था। यह गिरोह उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब, झारखंड, दिल्ली और त्रिपुरा सहित 10 राज्यों की महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं में सेंध लगा चुका है। इनमें यूपी जूनियर असिस्टेंट, बेंगलुरु में आर्मी ट्रेड ड्राइवर, झारखंड व कर्नाटक में CSIR-JSA, और दिल्ली में लैब अटेंडेंट जैसी प्रमुख परीक्षाएं शामिल हैं। एसओजी अब इन सभी राज्यों की पुलिस से संपर्क कर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
