जयपुर के शासन सचिवालय परिसर में 25 फरवरी को “राजीविका रंगोत्सव” (होली मेला) का भव्य शुभारंभ किया गया। महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के उत्पादों को बाजार में पहचान दिलाने और उनकी ब्रांडिंग को मजबूत करने के उद्देश्य से यह एक बेहद अहम पहल है। इस रंगारंग कार्यक्रम का उद्घाटन राजस्थान के मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास द्वारा किया गया। इस खास मौके पर ग्रामीण विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती श्रेया गुहा और राजीविका की राज्य मिशन निदेशक श्रीमती नेहा गिरि भी गरिमामयी उपस्थिति में मौजूद रहीं।
मुख्य सचिव ने की महिला उद्यमियों की तारीफ उद्घाटन के अवसर पर मुख्य सचिव ने ग्रामीण महिलाओं के प्रयासों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि राजीविका द्वारा उपलब्ध कराए गए ऐसे विपणन मंच महिला उद्यमिता को एक नई दिशा दे रहे हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, अतिरिक्त मुख्य सचिव ने भी महिला समूहों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को उनकी बेहतरीन गुणवत्ता, नवाचार और पारंपरिक कौशल का सबसे शानदार उदाहरण बताया। कार्यक्रम के दौरान सभी अधिकारियों ने राजीविका के स्टॉल्स का जायजा लिया और महिला उद्यमियों से सीधा संवाद कर उनके उत्पादों, पैकेजिंग तथा मार्केटिंग रणनीतियों की विस्तार से जानकारी ली।
13 जिलों के 15 स्वयं सहायता समूह ले रहे हैं हिस्सा सचिवालय में यह राजीविका रंगोत्सव 25 फरवरी से शुरू होकर 27 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस तीन दिवसीय मेले में राजस्थान के 13 अलग-अलग जिलों से आए 15 महिला स्वयं सहायता समूह पूरे उत्साह के साथ हिस्सा ले रहे हैं, जिनके द्वारा कुल 10 स्टॉल लगाए गए हैं। आगामी होली के पर्व को ध्यान में रखते हुए इन स्टॉल्स पर इको-फ्रेंडली और हर्बल उत्पादों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। मेले में आने वाले लोग यहां से शुद्ध हर्बल गुलाल, पारंपरिक खाद्य सामग्री, स्वादिष्ट गुजिया, ठंडाई, हर्बल उत्पाद, शानदार उपहार, सजावटी सामान, सॉफ्ट टॉयज और लकड़ी व क्रोशिया से बने बेहतरीन उत्पादों की खरीदारी कर सकते हैं।
‘राजसखी’ ब्रांड को मिलेगी नई और मजबूत पहचान राजीविका की राज्य मिशन निदेशक के अनुसार, इस तरह के मेलों और आयोजनों से स्वयं सहायता समूहों को सीधे ग्राहकों से जुड़ने (प्रत्यक्ष बाजार) का मौका मिलता है। इससे उन्हें ग्राहकों का सीधा फीडबैक मिलता है, जिससे वे अपने उत्पादों को भविष्य में और भी बेहतर बना सकती हैं। इस राजीविका रंगोत्सव का मुख्य लक्ष्य महिला समूहों द्वारा चलाए जा रहे उद्यमों को बड़े बाजार तक पहुंचाना, “राजसखी” (Rajasakhi) ब्रांड को मजबूती देना और प्रदेश में महिलाओं की आजीविका को बढ़ावा देना है। निश्चित रूप से यह कदम महिलाओं की बिक्री बढ़ाने और उन्हें एक बेहतरीन बाजार मंच देने में मील का पत्थर साबित होगा।
