Saturday, March 21, 2026
राजधानीRU में 'विशेषाधिकार' पर संग्राम: नियमों के उल्लंघन का आरोप, बाहरी अधिकारी के आवंटन को निरस्त करने की मांग

RU में ‘विशेषाधिकार’ पर संग्राम: नियमों के उल्लंघन का आरोप, बाहरी अधिकारी के आवंटन को निरस्त करने की मांग

जयपुर, फरवरी 2026: राजस्थान विश्वविद्यालय (RU) में आवास आवंटन को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा प्रोफेसर श्रेणी का बंगला संख्या C-9 एक आईपीएस (IPS) अधिकारी को आवंटित किए जाने पर शिक्षक समुदाय ने गहरा रोष व्यक्त किया है। शिक्षकों का आरोप है कि यह आवंटन ‘राजस्थान विश्वविद्यालय आवास आवंटन नियम, 1982’ का सीधा उल्लंघन है।

नियमों की अनदेखी का आरोप: शिक्षक समुदाय की ओर से कुलगुरु (Vice-Chancellor) को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि आवास आवंटन नियमों के पैरा संख्या 10 (अ) के तहत कुलगुरु अपने विशेषाधिकार (Discretionary Quota) का उपयोग केवल विश्वविद्यालय से प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध व्यक्तियों के लिए ही कर सकते हैं। इन श्रेणियों में शामिल हैं:

  • विजिटिंग प्रोफेसर
  • प्रोफेसर एमेरिटस
  • मानद या पुनर्नियुक्त शिक्षक
  • अनुसूचित जाति/जनजाति या दिव्यांग आवेदक

शिक्षकों का तर्क है कि किसी बाह्य अधिकारी को, जिसका विश्वविद्यालय की शैक्षणिक या प्रशासनिक गतिविधियों से कोई औपचारिक संबंध नहीं है, प्रोफेसर श्रेणी का आवास देना नियमों के विरुद्ध है।

पुराने अनुभवों ने बढ़ाई चिंता: विरोध दर्ज कराते हुए शिक्षकों ने गांधी सर्किल स्थित बंगला संख्या C-1 का उदाहरण दिया, जिसे पूर्व में पुलिस विभाग को अस्थायी रूप से दिया गया था। आरोप है कि वह बंगला आज तक खाली नहीं हो पाया है और उससे संबंधित किराया राशि भी विश्वविद्यालय को प्राप्त नहीं हुई है, जिससे संस्थान को आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है।

शिक्षकों की मांग: विश्वविद्यालय के वे शिक्षक जो वर्षों से प्रतीक्षा सूची (Waiting List) में हैं, उन्होंने इस आवंटन को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि नियमों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करना ही न्यायसंगत होगा ताकि शिक्षक समुदाय में सकारात्मक संदेश जाए।

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