Saturday, March 21, 2026
जयपुरताइक्वांडो फेडरेशन की फर्जी मेल आईडी बनाकर दुबई से कराया सत्यापन, 14 जिलों में छापेमारी कर 39 आरोपियों की तलाश जारी

ताइक्वांडो फेडरेशन की फर्जी मेल आईडी बनाकर दुबई से कराया सत्यापन, 14 जिलों में छापेमारी कर 39 आरोपियों की तलाश जारी

जयपुर: राजस्थान में थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती 2022 में फर्जी खेल प्रमाणपत्रों के आधार पर चयनित हुए अभ्यर्थियों के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने शुक्रवार को प्रदेशव्यापी कार्रवाई की है। एडीजी (SOG) विशाल बंसल के निर्देशानुसार, डीआईजी पेरिस देशमुख के नेतृत्व में गठित टीमों ने प्रदेश के 14 जिलों में छापेमारी कर 8 महिला शिक्षकों सहित कुल 19 शिक्षकों और एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि इन अभ्यर्थियों ने ताइक्वांडो फेडरेशन के फर्जी खेल सर्टिफिकेट लगाए थे, जिनका सत्यापन (Verification) दुबई से संचालित एक फर्जी ईमेल आईडी के जरिए करवाया गया था।

सेक्रेटरी की स्पेलिंग बदलकर किया बड़ा फ्रॉड

धोखाधड़ी का तरीका बेहद शातिराना था। आरोपियों ने ताइक्वांडो फेडरेशन की असली ईमेल आईडी (secretarytaekwondoindia@gmail.com) से मिलती-जुलती एक फर्जी आईडी बनाई। इसमें ‘सेक्रेटरी’ (Secretary) शब्द की स्पेलिंग में ‘a’ अक्षर को बदलकर फर्जी आईडी तैयार की गई और इसी के माध्यम से शिक्षा विभाग को फर्जी सत्यापन रिपोर्ट भेजी गई। यह फर्जी मेल आईडी दुबई से ऑपरेट की जा रही थी। SOG ने तकनीकी जांच के बाद झारखंड के सरगना विमलेंदु झा और उसके साथी रवि शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया है।

14 जिलों में फैले हैं आरोपी शिक्षक

SOG की इस कार्रवाई ने प्रदेश के कई जिलों में हड़कंप मचा दिया है। गिरफ्तार किए गए शिक्षकों में चुलबुल (चूरू), ज्योतिरादित्य (भीलवाड़ा), सीमा (झुंझुनूं), कविता (सीकर), बसंती (जयपुर), ममता कुमारी (सवाई माधोपुर), नरेंद्र और मुमताज (नागौर), भंवरलाल (जालौर), कविता (जोधपुर), एकता (चूरू), योगेंद्र (हनुमानगढ़), शिवकरण (श्रीगंगानगर), मांगीलाल (बीकानेर), भलाराम (बालोतरा), भजनलाल (जालौर), सुनील पालीवाल और महेंद्र पालीवाल (फलोदी) के नाम शामिल हैं। इनके साथ ही जयपुर के सहयोगी गजानंद प्रजापत को भी दबोचा गया है।

जांच के घेरे में विभाग की सुरक्षा प्रणाली

इस खुलासे के बाद एक बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि शिक्षा विभाग द्वारा फेडरेशन को भेजे गए असली ईमेल की जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुँची? आशंका जताई जा रही है कि विभाग के भीतर से ही किसी ने सत्यापन रिपोर्ट की जानकारी लीक की थी, जिसके बाद सरगना विमलेंदु ने फर्जी ईमेल से जवाब भेजा। SOG अब इस नेटवर्क में शामिल दलालों और विभागीय कर्मियों की भी तलाश कर रही है।

Check out our other content

Check out other tags:

Most Popular Articles