जयपुर: ‘पधारो म्हारे देस’ की परंपरा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए राजस्थान पुलिस ने एक नई पहल की है। गुरुवार को पुलिस मुख्यालय (PHQ) में पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में पुलिस और पर्यटन विभाग के उच्च अधिकारियों की एक विशेष बैठक आयोजित हुई। इसमें पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए कई अहम फैसले लिए गए।
पर्यटक सहायता बल (TAF) होगा हाई-टेक DGP श्री शर्मा ने निर्देश दिए कि प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर तैनात ‘पर्यटक सहायता बल’ (TAF) को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।
- नए थाने: पर्यटन थानों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
- प्रशिक्षण: पुलिसकर्मियों को पर्यटकों के साथ व्यवहार और सुरक्षा का विशेष प्रशिक्षण मिलेगा।
- हेल्प डेस्क: रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और बस स्टैंड पर ‘पर्यटक सहायता बूथ’ बनेंगे, जहां क्यूआर कोड (QR Code) के जरिए सारी जानकारी मिलेगी।
खाटूश्यामजी मेले के लिए विशेष निर्देश डीजीपी ने आगामी खाटूश्यामजी मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष इंतजाम करने को कहा है।
- मेले में जगह-जगह पुलिस सहायता बूथ लगाए जाएंगे।
- स्टेंडीज पर पुलिस हेल्पलाइन 112 और राजकॉप सिटीजन ऐप (RajCop Citizen App) के लिंक प्रदर्शित किए जाएंगे।
- खाटूश्यामजी के अलावा मेहंदीपुर बालाजी, सालासर, पुष्कर और श्रीनाथद्वारा जैसे धार्मिक स्थलों पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम होंगे।
विदेशी पर्यटकों के लिए ‘लैंग्वेज एक्सपर्ट्स’ बैठक में एक नया सुझाव यह भी आया कि विदेशी पर्यटकों की मदद के लिए अलग-अलग भाषाओं का कोर्स करने वाले युवक-युवतियों को बतौर ‘लैंग्वेज एक्सपर्ट’ (Language Experts) नियुक्त किया जाए। साथ ही, पर्यटन स्थलों पर बहुभाषी साइन बोर्ड लगाए जाएं।
अधिकारियों ने दिए सुझाव बैठक में डीजी (ट्रैफिक) अनिल पालीवाल, आईजी अजयपाल लांबा और पर्यटन आयुक्त श्रीमती रूकमणि रियाड़ ने भी अपने विचार रखे। आईजी लांबा ने प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप ‘पर्यटन थानों’ को नेशनल पोर्टल से लिंक करने और सीसीटीवी कवरेज बढ़ाने का सुझाव दिया।
