जयपुर: राजस्थान की खेल प्रतिभाओं के लिए विधानसभा से एक बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य के युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने सोमवार को विधानसभा में घोषणा की कि सरकार का लक्ष्य आगामी जून माह तक 300 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को राजकीय सेवा में ‘आउट ऑफ टर्न’ नियुक्ति देने का है।
बिना परीक्षा, पारदर्शी प्रक्रिया से मिलेगी नौकरी
प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए खेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि पदक विजेता खिलाड़ियों की आउट ऑफ टर्न नियुक्ति के लिए किसी भी प्रकार की लिखित परीक्षा का प्रावधान नहीं है। उन्होंने बताया कि इसके लिए एक निर्धारित और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाती है। खिलाड़ियों के वैध प्रमाण-पत्रों का सत्यापन संबंधित खेल संघों के माध्यम से कराया जाता है और जांच पूरी होने के बाद पात्र खिलाड़ियों को नियमानुसार नियुक्ति दी जाती है।
पिछली सरकार पर साधा निशाना
कर्नल राठौड़ ने सदन को जानकारी दी कि वर्तमान सरकार ने पिछले दो वर्षों में 186 खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्तियां प्रदान की हैं। उन्होंने पिछली सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में केवल 248 खिलाड़ियों को ही ऐसी नियुक्तियां दी थीं।
इन खेलों के पदक विजेता हैं पात्र
राज्य की आउट ऑफ टर्न नियुक्ति नीति के तहत ओलंपिक, राष्ट्रीय खेल, विभिन्न राष्ट्रीय चैंपियनशिप, अंतरराष्ट्रीय स्कूल चैंपियनशिप और एशियन स्कूल चैंपियनशिप सहित कई प्रतियोगिताओं के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शामिल किया गया है। इसके अलावा, स्कूल नेशनल गेम्स के पदक विजेताओं को भी RPSC के पदों को छोड़कर सीधी भर्ती में 2 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलता है।
महाराणा प्रताप पुरस्कार पर भी दी जानकारी
एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में खेल मंत्री ने बताया कि महाराणा प्रताप पुरस्कार के तहत राज्य के 5 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये नकद, कांस्य प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले 5 वर्षों में किसी भी खिलाड़ी को इस पुरस्कार से सम्मानित नहीं किया गया है।
