जयपुर: सीतापुरा स्थित जेईसीसी (JECC) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी ‘इंडिया स्टोनमार्ट 2026’ में राजस्थान सरकार के माइंस, भूविज्ञान एवं आरएसएमएम (RSMM) का पेवेलियन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रमुख सचिव माइंस एवं भूविज्ञान, टी. रविकान्त ने पेवेलियन का अवलोकन कर प्रदेश की खनिज संपदा की प्रभावी प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजस्थान न केवल पत्थरों का घर है, बल्कि यहाँ चेजा पत्थर से लेकर दुनिया के सबसे कीमती रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE), सोना, चांदी, लेड, जिंक और कच्चा तेल तक प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।
विदेशी मेहमान हैरान: एक ही छत के नीचे 57 खनिजों का संसार
प्रदर्शनी में राजस्थान की खनिज विविधता को देखकर देशी-विदेशी प्रतिभागी अचंभित हैं। पेवेलियन में विभाग द्वारा प्रदेश में खनन किए जा रहे सभी 57 प्रकार के खनिजों के सैंपल प्रदर्शित किए गए हैं। विशेष रूप से डायमेंशनल स्टोन्स की 40 वैरायटी, जिसमें मार्बल, ग्रेनाइट, सेंडस्टोन, कोटा स्टोन और क्वार्टजाइट शामिल हैं, को बेहद प्रभावी तरीके से दिखाया गया है। विदेशी खरीदारों के लिए यह देखना विस्मयकारी है कि रेगिस्तानी राज्य में मेटेलिक, नॉन-मेटेलिक और फर्टिलाइजर खनिजों की इतनी विस्तृत रेंज मौजूद है।
विशेषज्ञों की टीम कर रही समाधान
आगंतुकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की जिज्ञासाओं को शांत करने के लिए अतिरिक्त निदेशक जियोलोजी श्री एस.एन. डोडिया के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक टीम तैनात है। आरएसएमएम के वरिष्ठ प्रबंधक असीम अग्रवाल रॉकफास्फेट, केमिकल मिनरल्स और लिग्नाइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की तकनीकी जानकारी साझा कर रहे हैं। प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे आने वाले प्रतिभागियों को राजस्थान में खनिज भंडारों की उपलब्धता और वैश्विक मांग के बारे में विस्तार से जानकारी दें ताकि निवेश की राह आसान हो सके।
