Sunday, March 22, 2026
सीकरसरकारी दावों की खुली पोल: अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में 35 से 45 फीसदी स्टाफ हिंदी माध्यम का, पढ़ाई पर संकट

सरकारी दावों की खुली पोल: अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में 35 से 45 फीसदी स्टाफ हिंदी माध्यम का, पढ़ाई पर संकट

सीकर: प्रदेश के सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों (Mahatma Gandhi English Medium Schools) में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। राज्य के 3,737 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में अभी भी स्टाफ की भारी कमी है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन स्कूलों में पढ़ाने वाले 17 हजार से ज्यादा शिक्षक खुद हिंदी माध्यम से हैं, जिससे छात्रों की अंग्रेजी सीखने की नींव कमजोर हो रही है।

आंकड़ों का गणित: 49,522 में से केवल 31,993 ही योग्य

ताजा आंकड़ों के अनुसार, इन स्कूलों में कुल 49,522 शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से केवल 31,993 शिक्षक ही अंग्रेजी माध्यम की पृष्ठभूमि वाले हैं। बाकी के 17,529 शिक्षक हिंदी माध्यम के हैं, जिन्हें मजबूरी में अंग्रेजी माध्यम के छात्रों को पढ़ाना पड़ रहा है। कई स्कूलों में तो 35 से 45 फीसदी तक स्टाफ हिंदी माध्यम का ही है।

स्थायी भर्ती का इंतजार और अभिभावकों का आक्रोश

महात्मा गांधी विद्यालयों में स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर सरकार की ओर से कई बार घोषणाएं की जा चुकी हैं, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बेरोजगार अभ्यर्थियों की ओर से लगातार 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती की मांग की जा रही है।

निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला कराने वाले अभिभावकों, जैसे सुरेंद्र कुमार और आरिफ खान का कहना है कि उन्होंने बेहतर सुविधाओं की उम्मीद में बच्चों का टीसी (TC) कटवाया था, लेकिन यहां हिंदी माध्यम के शिक्षकों द्वारा पढ़ाए जाने से बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है।

प्रमुख जिलों में शिक्षकों की स्थिति: | जिला | अंग्रेजी माध्यम शिक्षक | हिंदी माध्यम शिक्षक | | :— | :— | :— | | जयपुर | 4,176 | 2,547 | | सीकर | 1,953 | 613 | | झुंझुनूं | 1,513 | 979 | | अजमेर | 853 | 366 | | उदयपुर | 634 | 715 |

एक्सपर्ट व्यू:

करियर काउंसलर विकास बुड़क के अनुसार, “यदि महात्मा गांधी स्कूलों को वास्तव में निजी स्कूलों के बराबर खड़ा करना है, तो वहां शत-प्रतिशत अंग्रेजी माध्यम के स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति अनिवार्य है। इससे प्रदेश के 10 लाख से अधिक विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिल सकेगा।”

Check out our other content

Check out other tags:

Most Popular Articles