जयपुर: राजस्थान में पिछले एक सप्ताह से जारी गंभीर एलपीजी (LPG) संकट के बीच एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। गैस की किल्लत के चलते ‘वेंटिलेटर’ पर पहुंच चुकी प्रदेश की होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को नई ‘ऑक्सीजन’ मिल गई है। ऑयल कंपनियों ने रविवार से कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई बहाल कर दी है। सोमवार से जयपुर सहित प्रदेशभर के करीब 50 हजार छोटे-बड़े होटल और रेस्टोरेंटों में सामान्य कामकाज फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने स्पष्ट किया है कि कमर्शियल सिलेंडरों की बुकिंग शुरू हो चुकी है और आज (सोमवार) करीब 30 फीसदी प्रतिष्ठानों को सप्लाई पहुंचा दी जाएगी।
उद्योग का दर्द: बंद होने की कगार पर थे 15 हजार होटल
फेडरेशन ऑफ राजस्थान होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष गजेंद्र लूनिवाल ने बताया कि पिछले 6-7 दिनों से प्रदेश के किसी भी प्रतिष्ठान को एक भी कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिला था।
- गहराया था संकट: जयपुर के 1300 होटलों सहित प्रदेशभर में लगभग 15 हजार होटल और 35 हजार रेस्टोरेंट बंदी की कगार पर आ गए थे।
- बढ़ा खर्च: मजबूरन संचालकों को इंडक्शन और डीजल भट्ठियों का खर्चीला विकल्प चुनना पड़ा, जिसके कारण कई होटलों को अपने ‘मेन्यू’ में भी कटौती करनी पड़ी थी।
- रेहड़ी वालों को संजीवनी: सप्लाई शुरू होने से शहर में बंद हो चुकी खान-पान की छोटी रेहड़ियों और ठेले वालों को भी बड़ा सहारा मिलेगा।
बाजार का बदला ट्रेंड: इंडक्शन चूल्हों की मांग में भारी उछाल
गैस संकट ने बाजार के रुख को भी प्रभावित किया है। सिलेंडर की अनिश्चितता से घबराए होटल और ढाबा संचालकों ने भविष्य के संकट से बचने के लिए बिजली से चलने वाले उपकरणों को अपनी रसोई का हिस्सा बनाना शुरू कर दिया है। पिछले एक सप्ताह में बाजार में इंडक्शन चूल्हों की बिक्री में अचानक भारी उछाल दर्ज किया गया है।
घरेलू गैस के लिए अभी भी जारी है ‘जंग’
कमर्शियल उपभोक्ताओं को राहत जरूर मिली है, लेकिन आम आदमी की परेशानी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। घरेलू गैस सिलेंडरों को लेकर प्रदेश में अभी भी मारामारी मची हुई है। रविवार को भी कई गैस एजेंसियों के बाहर आम उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गईं।
सियासी पारा गर्म: कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार का पलटवार
एलपीजी किल्लत ने प्रदेश की राजनीति को भी गरमा दिया है। गैस एजेंसियों पर मची अफरा-तफरी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
विपक्ष के हमलों पर पलटवार करते हुए मंत्री सुमित गोदारा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल अफवाह फैलाकर जनता के बीच ‘पैनिक’ (दहशत) पैदा कर रही है, जबकि ऑनलाइन बुकिंग के आधार पर आपूर्ति निरंतर जारी है। प्रशासन ने दावा किया है कि अगले दो-तीन दिनों में पूरे प्रदेश में गैस सप्लाई की स्थिति 100% सामान्य हो जाएगी।
