जयपुर: राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश की बेटियों के लिए ‘लाडो प्रोत्साहन योजना’ (Lado Protsahan Yojana) के माध्यम से एक बड़ा सुरक्षा कवच तैयार किया है。 इस योजना के अंतर्गत, राज्य सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी ग्रेजुएशन पूरी होने तक कुल 1,50,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है。 यह कदम न केवल लिंगानुपात में सुधार लाने बल्कि बेटियों की उच्च शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। विशेष बात यह है कि पूर्व में चल रही ‘राजश्री योजना’ को अब इसी योजना में शामिल (Merge) कर दिया गया है, और अब पुरानी पात्र बालिकाओं को भी बढ़ी हुई राशि का लाभ नए नियमों के अनुसार मिलेगा।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ? (पात्रता)
योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने कुछ अनिवार्य शर्तें तय की हैं, जिन्हें पूरा करना आवश्यक है:
- मूल निवासी: बेटी की मां (प्रसूता) अनिवार्य रूप से राजस्थान की मूल निवासी होनी चाहिए।
- संस्थानिक प्रसव: बेटी का जन्म किसी सरकारी अस्पताल या जननी सुरक्षा योजना (JSY) के तहत अधिकृत निजी अस्पताल में होना चाहिए।
- संतान सीमा में छूट: अब तीसरी या उसके बाद की बेटी के जन्म पर भी आगे की किस्तों का लाभ लेने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
7 किस्तों में मिलेगी सहायता राशि: पूरा विवरण
सरकार यह 1.5 लाख रुपये की राशि एक साथ न देकर, बेटी की उम्र और शिक्षा के विभिन्न पड़ावों पर सीधे बैंक खाते (DBT) में भेजती है:
| किस्त संख्या | अवसर/पड़ाव | सहायता राशि (₹) |
| पहली किस्त | अस्पताल में जन्म के समय | ₹2,500 |
| दूसरी किस्त | 1 वर्ष की आयु और पूर्ण टीकाकरण पर | ₹2,500 |
| तीसरी किस्त | पहली कक्षा (Class 1) में प्रवेश पर | ₹4,000 |
| चौथी किस्त | छठी कक्षा (Class 6) में प्रवेश पर | ₹5,000 |
| पांचवीं किस्त | दसवीं कक्षा (Class 10) में प्रवेश पर | ₹11,000 |
| छठी किस्त | बारहवीं कक्षा (Class 12) में प्रवेश पर | ₹25,000 |
| सातवीं किस्त | स्नातक (Graduation) पास और 21 वर्ष की आयु पर | ₹1,00,000 |
आवेदन प्रक्रिया: ए-टू-जेड जानकारी
लाडो प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया को काफी सरल और डिजिटल बनाया गया है ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे:
- पंजीकरण: गर्भावस्था के दौरान एएनसी (ANC) जांच के समय ही अपना जन-आधार कार्ड और बैंक विवरण अस्पताल में दर्ज कराएं।
- यूनिक आईडी (PCTS ID): जन्म के समय अस्पताल से एक यूनिक ‘PCTS ID’ प्राप्त होगी, जो भविष्य की सभी किस्तों को ट्रैक करने के काम आएगी।
- स्वचालित भुगतान: पहली और दूसरी किस्त के लिए अलग से फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है; यह टीकाकरण अपडेट होते ही सीधे खाते में आ जाती है।
- शिक्षा पोर्टल: तीसरी से छठी किस्त के लिए स्कूल के माध्यम से ‘ओजस’ पोर्टल पर डेटा अपडेट किया जाता है।
- अंतिम बड़ी किस्त: स्नातक की मार्कशीट और आयु प्रमाण पत्र उच्च शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अपलोड करने के बाद 1 लाख रुपये की अंतिम राशि सीधे बालिका के खाते में भेजी जाएगी।
- महत्वपूर्ण दस्तावेज: योजना का लाभ लेने के लिए जन-आधार कार्ड, बैंक पासबुक और ममता कार्ड का होना अनिवार्य है।
