Saturday, March 21, 2026
राजधानीऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर का विधानसभा में ऐलान: इंटर डिस्कॉम ट्रांसफर के लिए बनेगी नई पॉलिसी, मानवीय पहलुओं का रखा जाएगा ध्यान

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर का विधानसभा में ऐलान: इंटर डिस्कॉम ट्रांसफर के लिए बनेगी नई पॉलिसी, मानवीय पहलुओं का रखा जाएगा ध्यान

जयपुर: राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में शुक्रवार को ऊर्जा विभाग के हजारों कर्मचारियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से ‘इंटर डिस्कॉम ट्रांसफर’ (Inter-Discom Transfer) की मांग कर रहे बिजली कर्मियों के मुद्दे पर सरकार ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने सदन में घोषणा की है कि इस जटिल मुद्दे के समाधान के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी (High-Level Committee) का गठन किया जाएगा।

विधानसभा में गूंजा तबादलों का मुद्दा

प्रश्नकाल के दौरान विधायक भागचंद ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए बिजली कर्मचारियों के स्थानांतरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग डिस्कॉम (जैसे जयपुर, अजमेर, जोधपुर) में कार्यरत हजारों कर्मचारी वर्षों से अपने घर से दूर तैनात हैं और व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण अपने गृह क्षेत्र में जाना चाहते हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या इन तबादलों के लिए कोई स्पष्ट नीति बनाने पर विचार किया जा रहा है?

मौजूदा नियमों में क्या है अड़चन?

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि वर्तमान नियमों के तहत इंटर डिस्कॉम तबादलों का कोई सीधा प्रावधान नहीं है। उन्होंने इसके पीछे का इतिहास साझा करते हुए बताया:

  • 2010 के सुधार: वर्ष 2010 में राजस्थान पावर सेक्टर सुधार योजना लागू हुई थी, जिसके बाद अलग-अलग कंपनियां (डिस्कॉम) बनाई गईं।
  • मेरिट का आधार: नई भर्तियों में कर्मचारियों को उनकी मेरिट के आधार पर डिस्कॉम आवंटित किए गए। जो मेरिट में पीछे रहे, उन्हें उनकी पसंद के बजाय जरूरत के अनुसार दूर-दराज के क्षेत्रों में तैनाती मिली।

अब आगे क्या?

मंत्री नागर ने स्वीकार किया कि कर्मचारी संघ लगातार मानवीय आधार पर राहत की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा:

“कर्मचारियों की परेशानियों और मानवीय पहलुओं को देखते हुए सरकार ने विधिक राय (Legal Opinion) लेने के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का निर्णय लिया है। यह कमेटी नियमों की समीक्षा करेगी और इसकी रिपोर्ट के आधार पर ही इंटर डिस्कॉम तबादला नीति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।”

इस घोषणा से उन हजारों कर्मचारियों में उम्मीद की किरण जगी है जो सालों से एक ही स्थान पर तैनात हैं और घर वापसी की राह देख रहे हैं।

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