Friday, March 20, 2026
राजस्थानचंद्रग्रहण से बदली होली की तारीख? जानें राजस्थान में 3 या 4 मार्च, कब खेला जाएगा रंग और क्या है होलिका दहन का मुहूर्त

चंद्रग्रहण से बदली होली की तारीख? जानें राजस्थान में 3 या 4 मार्च, कब खेला जाएगा रंग और क्या है होलिका दहन का मुहूर्त

जयपुर: रंगों के त्योहार होली को लेकर इस बार लोगों में तारीखों का भारी असमंजस है। भद्रा के साये और साल के पहले चंद्रग्रहण (Chandra Grahan) के चलते राजस्थान में धुलंडी का पर्व दो दिन मनाया जाएगा। जहां कुछ लोग शास्त्रों के अनुसार 3 मार्च को होली खेलने की तैयारी में हैं, वहीं कई कॉलोनियों और सोसायटियों ने ग्रहण के सूतक को देखते हुए 4 मार्च को रंग खेलने का फैसला किया है।

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त (2 मार्च) तीन साल बाद ऐसा संयोग बना है कि सोमवार को होली पर भद्रा का साया रहेगा।

  • पूर्णिमा तिथि: 2 मार्च को शाम 5:56 बजे से शुरू होकर अगले दिन 3 मार्च शाम 5:08 बजे तक रहेगी।
  • दहन का समय: पं. तपेश अवस्थी के अनुसार, प्रदोषकाल में पूर्णिमा 2 मार्च को है। भद्रा समाप्त होने के बाद मध्यरात्रि में होलिका दहन करना शास्त्र सम्मत रहेगा। इसलिए होलिका दहन 2 मार्च की रात 1:26 बजे से 2:38 बजे तक (भद्रा पुच्छ काल में) किया जा सकेगा।

धुलंडी पर साल का पहला चंद्रग्रहण, क्या पड़ेगा असर? धुलंडी के दिन (3 मार्च) साल का पहला चंद्रग्रहण लग रहा है, जो भारत में भी दिखाई देगा।

  • ग्रहण का समय: चंद्रग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होगा और शाम 6:48 बजे समाप्त होगा (हालांकि इसका मुख्य प्रभाव महज 18 मिनट का बताया जा रहा है)।
  • सूतक काल: ग्रहण से 9 घंटे पहले यानी सुबह 6:20 बजे से सूतक काल शुरू हो जाएगा। पंडितों के अनुसार, शास्त्रों में ऐसा ग्रहण धार्मिक उत्सवों में बाधा नहीं डालता, इसलिए 3 मार्च को धुलंडी का पर्व उल्लास के साथ मनाया जा सकता है।

आम जनता का फैसला: 4 मार्च को खेलेंगे होली भले ही पंडित 3 मार्च को होली खेलने में कोई दोष नहीं मान रहे हों, लेकिन आम जनता में ग्रहण को लेकर संशय है।

  • अलवर के राम प्रकाश व्यास और जयपुर के हेमेंद्र शर्मा ने स्पष्ट किया कि ग्रहण के दिन रंग खेलना शुभ नहीं माना जाता। इसलिए उनकी कॉलोनियों के अधिकांश लोगों ने आपसी सहमति से 4 मार्च को ही होली मनाने का फैसला किया है।

डॉक्टर की सलाह: होली पर त्वचा और बालों की सुरक्षा कैसे करें? होली के रासायनिक रंगों से त्वचा और बालों को बचाने के लिए त्वचा एवं यौन रोग विशेषज्ञ डॉ. नैन्सी गर्ग ने कुछ अहम सुझाव दिए हैं:

  • तेल लगाएं: होली खेलने से कम से कम 30 मिनट पहले शरीर और बालों में नारियल, ऑलिव या सरसों का तेल लगाएं।
  • बचाव: मॉइस्चराइज़र और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। फुल स्लीव (पूरी आस्तीन) के कपड़े पहनें। होंठ, कान और नाखूनों पर पेट्रोलियम जेली लगाएं।
  • इन रंगों से बचें: सिल्वर, काले और गहरे लाल रंगों का प्रयोग न करें।
  • रंग छुड़ाने का सही तरीका: होली के बाद हल्के गुनगुने पानी से रंग साफ करें, त्वचा को बिल्कुल न रगड़ें और नहाने के बाद मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं।

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