जयपुर: राजस्थान में गर्मी ने अपने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है। सोमवार को बाड़मेर जिला प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 10 और 11 मार्च को जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा और फलोदी सहित 4 जिलों में हीटवेव (लू) का येलो अलर्ट जारी किया है। अगले एक सप्ताह में तापमान में 2 डिग्री तक की और बढ़ोतरी होने की आशंका है।
क्यों तप रहा है राजस्थान? (वैज्ञानिक कारण)
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल फरवरी महीने में उत्तर और मध्य भारत में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है। इस कारण आसमान पूरी तरह साफ है और सूरज की किरणें बिना किसी रुकावट के सीधे धरती की सतह को तपा रही हैं। इसके अलावा, पश्चिम और मध्य भारत के ऊपर एक ‘एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ (प्रतिचक्रवाती परिसंचरण) बना हुआ है, जो गर्म हवाओं को धकेल रहा है और गर्मी को बढ़ा रहा है।
प्रमुख शहरों का तापमान: गर्मी का नया रिकॉर्ड (Table)
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | न्यूनतम तापमान (°C) | स्थिति |
| बाड़मेर | 40.4°C | 24.5°C | भीषण लू (Heatwave) |
| पिलानी | 39.5°C | 21.8°C | तेज गर्मी |
| जयपुर | 37.8°C | 22.8°C | रात में भी उमस |
| जैसलमेर | 39.2°C | 23.4°C | लू का असर |
जयपुर में उमस और तपिश का डबल अटैक ।
राजधानी जयपुर में भी गर्मी ने लोगों का पसीना छुड़ा दिया है। सोमवार को यहाँ पारा 37.8 डिग्री तक पहुँच गया। तेज धूप के कारण दिन में सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। जयपुर में वातावरण में नमी (Humidity) का स्तर गिरकर 30% पर आ गया है, जिससे हवा में रूखापन बढ़ गया है और त्वचा झुलसने जैसी महसूस हो रही है। देर शाम तक भी गर्मी बरकरार रहने से लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल रही है।
अलनीनो का खतरा: क्या मानसून पर पड़ेगा असर?
अमेरिकी मौसम एजेंसी नोआ (NOAA) की रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, जून की शुरुआत में ‘अलनीनो’ (El Niño) दस्तक दे सकता है। चूँकि यही समय भारत में मानसून के प्रवेश का होता है, इसलिए अलनीनो के कारण इस साल मानसून डिस्टर्ब हो सकता है। यदि ऐसा होता है, तो राजस्थान जैसे राज्यों में बारिश कम हो सकती है और गर्मी का दौर और लंबा खिंच सकता है।
