जयपुर। राजस्थान में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। पीएम-कुसुम योजना के ‘कम्पोनेंट-सी’ के तहत प्रदेश में विकेन्द्रित सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने वाले ऊर्जादाताओं और डवलपरों के लिए खुशखबरी है। केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने प्रथम चरण में 46 करोड़ 64 लाख रुपये की केन्द्रीय वित्तीय सहायता (CFA) जारी करने को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री की पहल पर मिली मंजूरी
यह वित्तीय सहायता मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने हाल ही में दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी से मुलाकात कर यह राशि शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया था। इसके अतिरिक्त प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने भी पत्र लिखकर समन्वय किया, जिसके बाद मंत्रालय ने जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम्स के लिए यह राशि स्वीकृत की है। अब सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) द्वारा यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी।
कुसुम-सी में राजस्थान की प्रगति
फीडर लेवल सोलराइजेशन के तहत राजस्थान में अब तक:
- 991 परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं।
- कुल 2,462 मेगावाट क्षमता के संयंत्र चालू हैं।
- मंत्रालय को 233 करोड़ रुपये से अधिक के क्लेम भेजे जा चुके हैं, जिनमें से प्रथम किस्त स्वीकृत हुई है।
समय से पहले 3,000 मेगावाट का लक्ष्य हासिल
राजस्थान डिस्कॉम्स ने एक और ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। कुसुम योजना के कम्पोनेंट-ए और सी में कुल 3,007 मेगावाट की क्षमता अर्जित कर ली गई है।
- लक्ष्य तिथि: 31 मार्च 2026 (मुख्य सचिव द्वारा निर्धारित)।
- उपलब्धि तिथि: 5 फरवरी 2026 (लगभग दो माह पूर्व)।
- कुल संयंत्र: 1,366 लघु सौर ऊर्जा संयंत्र।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट कर इस सफलता के लिए प्रदेश के परिश्रमी किसानों, ऊर्जा विभाग और राजस्थान डिस्कॉम्स को बधाई दी है। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
