जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajanlal Sharma) के नेतृत्व में राजस्थान के शिक्षा परिदृश्य में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार के प्रयासों से पिछले दो वर्षों में जहां ड्रॉप आउट रेट (Drop-out Rate) में रिकॉर्ड कमी आई है, वहीं बजट 2026-27 में गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा के लिए खजाना खोल दिया गया है।
शिक्षा के आंकड़ों में सुधर: ड्रॉप आउट रेट घटी आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार:
- प्राथमिक स्तर: ड्रॉप आउट रेट 7.6 से घटकर 3.6 रह गई है।
- माध्यमिक स्तर: यह दर 11.1 से घटकर 7.7 पर आ गई है।
- ट्रांजीशन रेट: 10वीं से 12वीं कक्षा में जाने वाले छात्रों की दर (Transition Rate) 82.6 से बढ़कर 88.2 हो गई है।
छात्रों को सीधा लाभ: टैबलेट, साइकिल और यूनिफॉर्म के लिए कैश बजट 2026-27 में छात्रों के लिए डीबीटी (Direct Benefit Transfer) और ई-वाउचर (E-Voucher) की बड़ी घोषणाएं की गई हैं:
- टैबलेट/लैपटॉप: कक्षा 8, 10 और 12 के मेधावी छात्रों को डिवाइस खरीदने के लिए ई-वाउचर के जरिए 20,000 रुपये तक की सहायता मिलेगी।
- साइकिल वितरण: 9वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को अब साइकिल के लिए ई-वाउचर मिलेंगे। इसका लक्ष्य 3.90 लाख बालिकाओं को लाभान्वित करना है।
- निःशुल्क यूनिफॉर्म: कक्षा 1 से 8 तक के 40 लाख छात्रों को यूनिफॉर्म के लिए डीबीटी के माध्यम से राशि दी जाएगी। इसके लिए 250 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
बजट में शिक्षा के लिए 41 हजार करोड़ से ज्यादा सरकार ने बजट 2026-27 में प्रारम्भिक शिक्षा के लिए 21,646 करोड़ रुपये और माध्यमिक शिक्षा के लिए 19,473 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया है।
- CM Rise Schools: 400 विद्यालयों को ‘सीएम राइज’ स्कूलों में अपग्रेड किया जाएगा, जिस पर 1000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
- RTE पुनर्भरण: निजी स्कूलों की फीस भरपाई के लिए 1,250 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
नवाचार: स्कूल टू वर्क और AI लैब्स रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘स्कूल टू वर्क’ (School to Work) कार्यक्रम शुरू होगा।
- घुमंतू परिवारों के बच्चों के लिए ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ (School on Wheels) चलेंगे।
- 1000 स्कूलों में AI आधारित पर्सनलाइज्ड लर्निंग लैब्स स्थापित होंगी।
- जयपुर और जोधपुर में विज्ञान के प्रति रूचि बढ़ाने के लिए स्पेस गैलरी बनाई जाएंगी।
