Friday, March 20, 2026
राजधानीThe Public Hub News Impact:मदन दिलावर का बड़ा एक्शन, राजस्थान के 25 हजार स्कूलों की होगी उच्च स्तरीय जांच

The Public Hub News Impact:मदन दिलावर का बड़ा एक्शन, राजस्थान के 25 हजार स्कूलों की होगी उच्च स्तरीय जांच

जयपुर। शिक्षा जगत में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर The Public Hub की मुहिम का बड़ा असर हुआ है। प्रदेश के शिक्षा विभाग में बिना मान्यता के चल रहे 25,000 से अधिक निजी स्कूलों के मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अब सरकार एक्शन मोड में आ गई है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

The Public Hub की ‘खबर का असर’

लगातार मिल रही शिकायतों और नियमों की अनदेखी के बीच The Public Hub ने इस ‘शिक्षा के व्यापार’ का पर्दाफाश किया था। हमारी रिपोर्ट के बाद हरकत में आए शिक्षा मंत्री ने निदेशक, माध्यमिक शिक्षा विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में एक भी स्कूल बिना राज्य सरकार की वैध मान्यता के संचालित नहीं होना चाहिए। इस आदेश के बाद अब प्रदेश के रसूखदार निजी स्कूलों में हड़कंप मच गया है।


क्या है 25,000 स्कूलों का ‘बिना मान्यता’ वाला खेल?

विभागीय सूत्रों और हमारी जांच में सामने आया है कि प्रदेश में हजारों निजी स्कूल एक सोची-समझी रणनीति के तहत नियम तोड़ रहे हैं:

  • CBSE की आड़ में खेल: ये स्कूल कक्षा 1 से 8 तक की राज्य सरकार से मान्यता लेते हैं। इसके बाद कक्षा 9 से 12 तक के लिए सीधे CBSE या अन्य बोर्ड से संबद्धता (Affiliation) ले लेते हैं।
  • NOC की अनदेखी: नियमानुसार, किसी भी बोर्ड से जुड़ने से पहले राज्य शिक्षा विभाग से NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) और क्रमोन्नति (Recognition) लेना अनिवार्य है, जिसे ये स्कूल पूरी तरह नजरअंदाज कर रहे हैं।
  • प्रशासनिक फेलियर: 25 हजार स्कूलों का बिना मॉनिटरिंग के चलना एक बड़ा प्रशासनिक फेलियर माना जा रहा है।

सरकार को करोड़ों की चपत, मॉनिटरिंग शून्य

निजी संस्थानों की इस मनमानी से राज्य सरकार को हर साल करोड़ों रुपये के राजस्व (Revenue) का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा, ये स्कूल राज्य सरकार के रिकॉर्ड में उच्च स्तर पर दर्ज नहीं होने के कारण किसी भी प्रकार की सरकारी मॉनिटरिंग और जवाबदेही से बच निकलते हैं।

अमायरा केस: एक चेतावनी > जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में छात्रा अमायरा की आत्महत्या का मामला इस सिस्टम की पोल खोलता है। स्कूल के पास राज्य सरकार की मान्यता न होने के कारण प्रशासन उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सका। यदि ये स्कूल राज्य की मॉनिटरिंग में होते, तो शायद ऐसे हादसों को रोका जा सकता था।


नियमों की सरेआम धज्जियां

शिक्षा विभाग के स्पष्ट आदेश (दिनांक 22.12.2022) के बावजूद, निजी स्कूल पीएसपी पोर्टल (PSP Portal) पर अपनी जानकारी अपडेट नहीं कर रहे हैं। नियम कहता है कि उच्च कक्षा की संबद्धता लेने से पूर्व शिक्षा विभाग से क्रमोन्नति लेना अनिवार्य है, लेकिन निजी संस्थान केवल सीबीएसई की संबद्धता को ही पूर्ण मान्यता मानकर मनमानी कर रहे हैं।

मंत्री का कड़ा रुख: “बख्शे नहीं जाएंगे दोषी”

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जांच के आदेश देते हुए साफ कर दिया है कि जो भी स्कूल बिना मान्यता के पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग अब ऐसे स्कूलों की सूची तैयार कर रहा है जिन्होंने नियमों का उल्लंघन किया है।

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