Sunday, March 22, 2026
बीकानेरऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया के खतरों पर लगेगी लगाम; अभिभावकों और शिक्षकों के लिए जारी हुए सख्त दिशा-निर्देश, हेल्पलाइन 1930 का होगा प्रचार

ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया के खतरों पर लगेगी लगाम; अभिभावकों और शिक्षकों के लिए जारी हुए सख्त दिशा-निर्देश, हेल्पलाइन 1930 का होगा प्रचार

बीकानेर: आपने राजस्थान प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण आदेश और गाईडलाइन (SOP) साझा की है । यह दस्तावेज डिजिटल सेवाओं और स्मार्टफोन के प्रसार से बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति बच्चों को जागरूक करने के उद्देश्य से जारी किया गया है ।

दस्तावेज में दिए गए मुख्य दिशा-निर्देश इस प्रकार हैं:

1. विद्यालयों में मोबाइल फोन का उपयोग:

  • विद्यार्थियों को सामान्यतः कक्षाओं में मोबाइल फोन लाने की अनुमति नहीं होनी चाहिए ।
  • यात्रा के दौरान सुरक्षा के लिए लाए गए फोन को दिन की शुरुआत में स्वागत क्षेत्र या कक्षा शिक्षक के पास जमा करना होगा ।
  • अनधिकृत रिकॉर्डिंग या साइबरबुलिंग रोकने के लिए कक्षाओं, वाहनों और खेल के मैदान जैसे सार्वजनिक क्षेत्रों में फोन का उपयोग सख्त प्रतिबंधित है ।
  • नियम तोड़ने पर स्थायी प्रतिबंध के बजाय अस्थायी रूप से फोन जब्त करने जैसे सौम्य दंड निर्धारित किए जाने चाहिए ।

2. ऑनलाइन गेमिंग:

  • माता-पिता की स्पष्ट सहमति के बिना गेम में खरीदारी प्रतिबंधित है और आकस्मिक खर्च रोकने के लिए OTP सत्यापन का उपयोग किया जाना चाहिए ।
  • बच्चों को अपनी असली पहचान छिपाने के लिए असली नामों की जगह अवतार (Avatar) या स्क्रीन नाम का उपयोग करना चाहिए ।
  • बहलाने-फुसलाने या धमकाने से बचने के लिए अजनबियों से वेबकैम या निजी संदेशों के माध्यम से कभी भी संवाद नहीं करना चाहिए ।
  • लत से बचने के लिए गेमिंग के दौरान ब्रेक रिमाइंडर लागू करने चाहिए ।

3. सोशल नेटवर्किंग साइटें:

  • DPDP अधिनियम 2023 के अनुसार, 18 वर्ष से कम आयु वालों के लिए प्लेटफॉर्मों को किसी भी डेटा को प्रोसेस करने से पहले माता-पिता की सत्यापित सहमति प्राप्त करना अनिवार्य है ।
  • डिफ़ॉल्ट रूप से खातों को “निजी” (Private) पर सेट किया जाना चाहिए ताकि केवल स्वीकृत फॉलोअर्स ही स्कूल का नाम या स्थान जैसे विवरण देख सकें ।
  • बच्चों को “पारिवारिक नियम” सिखाना चाहिए, जिसके तहत वे ऐसा कुछ भी पोस्ट न करें जिसे वे अपने परिवार, शिक्षक या नियोक्ता को दिखाना न चाहें ।

4. माता-पिता और शिक्षकों की निगरानी:

  • माता-पिता और बच्चों के बीच एक हस्ताक्षरित “अनुबंध” होना चाहिए जिसमें अनुमत ऐप्स, समय सीमा और डिवाइस के पासकोड साझा करने की शर्तें तय हों ।
  • कंप्यूटर और टैबलेट को निजी बेडरूम के बजाय घर के साझा क्षेत्रों (जैसे लिविंग रूम) में रखा जाना चाहिए ।
  • सामग्री को फ़िल्टर करने और दैनिक स्क्रीन समय सीमा निर्धारित करने के लिए Google Family Link जैसे आधिकारिक माता-पिता नियंत्रण (Parental control) ऐप्स का उपयोग किया जाना चाहिए ।

महत्वपूर्ण जानकारी: इस आदेश में यह भी बताया गया है कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी या अन्य साइबर अपराधों की स्थिति में तुरंत रिपोर्ट करने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाईन नंबर 1930 की शुरुआत की गई है ।

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