जयपुर: राजस्थान में नगरीय निकायों (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका) के चुनाव का इंतजार कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। राजस्थान निर्वाचन आयोग (State Election Commission) द्वारा जारी किए गए नए कार्यक्रम के अनुसार, प्रदेश में अब अप्रैल महीने में चुनाव होना संभव नहीं लग रहा है। आयोग ने 196 निकायों में वार्डवार मतदाता सूची तैयार करने का जो शेड्यूल जारी किया है, उसके अनुसार फाइनल लिस्ट ही अप्रैल के अंत में आएगी।
SC की डेडलाइन और वोटर लिस्ट का पेच
सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश में 15 अप्रैल तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के आदेश दे रखे हैं। हालांकि, आयोग के नए कार्यक्रम के अनुसार:
- 22 अप्रैल को फाइनल मतदाता सूची (Final Voter List) प्रकाशित की जाएगी।
- जाहिर है, जब तक फाइनल लिस्ट नहीं आती, तब तक चुनाव की तारीखों का एलान नहीं हो सकता। इसके चलते अब चुनाव अप्रैल के बाद (मई या जून) में ही होने की संभावना है।
वोटर लिस्ट तैयार करने का पूरा कार्यक्रम (Schedule)
आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची इन चरणों में तैयार होगी:
| तिथि (Date) | कार्यक्रम (Event) |
| 24 मार्च | ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन |
| 25 मार्च | मतदान केंद्रों पर आपत्तियां और दावे शुरू |
| 29 मार्च – 05 अप्रैल | मतदाता सूची के लिए विशेष अभियान |
| 07 अप्रैल | जनता द्वारा आपत्तियां देने की अंतिम तिथि |
| 15 अप्रैल | दावों और आपत्तियों का निस्तारण (Disposal) |
| 22 अप्रैल | फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन |
113 निकायों का कानूनी विवाद
वर्तमान में राजस्थान में परिसीमन (Delimitation) के बाद कुल 309 निकाय हो गए हैं।
- विवाद: पिछली सरकार के समय 196 निकाय थे, लेकिन नए 113 निकायों में वार्डों की सीमा बदलने के मामले पर हाईकोर्ट ने स्टे दे रखा है।
- सुप्रीम कोर्ट में मामला: राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट के इस स्टे को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
- सरकार का रुख: स्वायत्त शासन विभाग का कहना है कि यदि स्टे बना भी रहता है, तो पुरानी वार्ड सीमा के तहत भी चुनाव कराए जा सकते हैं ताकि ‘एक राज्य-एक चुनाव’ का लक्ष्य प्रभावित न हो।
