जयपुर। राजस्थान के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बुरी खबर है। प्रदेश में समान पात्रता परीक्षा (CET) के आयोजन में हो रही देरी के कारण इससे जुड़ी 23 नई भर्तियां अब अगले एक साल के लिए अटक गई हैं。 इस देरी का सीधा असर प्रदेश के करीब 20 लाख बेरोजगारों पर पड़ा है, जो लंबे समय से नई भर्तियों का इंतजार कर रहे थे।
पिछली पात्रता खत्म, नई में अड़चन
रिपोर्ट के अनुसार, पिछली सीईटी के प्रमाण पत्रों की वैधता अवधि फरवरी में ही समाप्त हो चुकी है। वर्तमान स्थिति यह है कि प्रदेश में सीईटी पात्रता रखने वाला अब एक भी बेरोजगार नहीं है। कार्मिक विभाग द्वारा नियमों में किए जा रहे बदलावों के कारण नई सीईटी प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है। यदि आज भी प्रक्रिया शुरू होती है, तो आवेदन से लेकर परीक्षा परिणाम तक कम से कम 8 से 10 महीने का समय लगेगा।
ये भर्तियां हुईं प्रभावित (CET के कारण अटकीं):
| श्रेणी | प्रभावित प्रमुख भर्तियां (कुल 23) |
| सीईटी स्नातक (Graduate) | प्लाटून कमांडर, पटवारी-जिलेदार, कनिष्ठ लेखाकार, तहसील राजस्व लेखाकार, पर्यवेक्षक महिला अधिकारिता, उप-जेलर, छात्रावास अधीक्षक ग्रेड-II, ग्राम विकास अधिकारी सहित 11 भर्तियां। |
| सीईटी सीनियर सेकेंडरी | वनपाल, छात्रावास अधीक्षक, लिपिक (LDC) ग्रेड-II, कनिष्ठ सहायक, जमादार ग्रेड-II, कांस्टेबल सहित 12 भर्तियां। |
बिगड़ गया भर्ती कैलेंडर
सरकार द्वारा जारी परीक्षा कैलेंडर भी सीईटी के कारण पूरी तरह गड़बड़ा गया है। जुलाई में प्रस्तावित 2000 पदों की कांस्टेबल भर्ती और दिसंबर में प्रस्तावित 3430 पदों की ग्राम विकास अधिकारी भर्ती का आयोजन अब मुश्किल नजर आ रहा है।
नियमों में ये बड़े बदलाव हैं प्रस्तावित:
- न्यूनतम अंक: रीट (REET) की तर्ज पर सीईटी में भी 60% न्यूनतम अंक प्राप्त करना अनिवार्य हो सकता है।
- दो चरण की परीक्षा: इसे आरएस (RAS) की तर्ज पर दो चरणों में आयोजित करने पर मंथन चल रहा है।
- वैधता विस्तार: प्रमाणपत्र की वैधता को 1 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष किया जा सकता है。
बोर्ड अध्यक्ष का बयान
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज के अनुसार, बोर्ड को अभी तक सरकार की ओर से सीईटी आयोजन के निर्देश नहीं मिले हैं। उन्होंने संकेत दिया कि प्रावधानों में बदलाव के कारण इसमें देरी हो रही है और वे अगले तीन-चार दिनों में संबंधित अधिकारियों से मिलकर इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे。
