यहाँ राजस्थान जनगणना-2027 की तैयारियों पर आधारित विस्तृत समाचार रिपोर्ट पैराग्राफ फॉर्मेट में दी गई है:
राजस्थान में जनगणना 2027 का काउंटडाउन शुरू: CM भजनलाल आज करेंगे मिशन का आगाज, 1.60 लाख कर्मचारियों की फौज तैयार

राजस्थान में आगामी जनगणना-2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई हैं। प्रदेश में इस महा-अभियान के फील्डवर्क की शुरुआत शनिवार से होने जा रही है, जिसका केंद्र बिंदु सचिवालय में आयोजित होने वाला राज्य स्तरीय जनगणना सम्मेलन होगा। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में अधिकारियों का मार्गदर्शन करेंगे, जबकि देश के जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास विकास कार्यों में जनगणना की भूमिका और इसके सटीक क्रियान्वयन पर प्रकाश डालेंगे। इस सम्मेलन के माध्यम से संभाग आयुक्तों, जिला कलेक्टरों और नगर निगम के उच्चाधिकारियों को जनगणना के महत्व और उससे जुड़ी बारीकियों से रूबरू कराया जाएगा, ताकि डेटा संग्रहण में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे।
जनगणना के इस विशाल कार्य को संपन्न करने के लिए राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर मानव संसाधन की व्यवस्था की है। केंद्र सरकार की मांग पर राजस्थान से करीब 1.60 लाख प्रगणकों (Enumerators) और सुपरवाइजरों की तैनाती की जा रही है, जो घर-घर जाकर नागरिकों से संवाद करेंगे और आंकड़े जुटाएंगे। यह पहली बार होगा जब प्रदेश में जनगणना के लिए डिजिटल तकनीकों का व्यापक स्तर पर उपयोग किया जाएगा। प्रगणकों को प्रशिक्षित करने के लिए सोमवार से जिला स्तर पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जो 20 फरवरी तक चलेंगे। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर, तहसीलदार और अन्य शहरी निकायों के अधिकारियों को दो से तीन दिनों की तकनीकी ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा प्रविष्टि और 33 विशिष्ट सवालों के जवाब दर्ज करने की प्रक्रिया सिखाई जाएगी।
जनगणना 2027 की सबसे अनूठी बात यह है कि इस बार नागरिकों से पारंपरिक सवालों के साथ-साथ उनके रहन-सहन और आधुनिक सुविधाओं पर आधारित सवाल भी पूछे जाएंगे। इनमें स्मार्टफोन का उपयोग, इंटरनेट कनेक्टिविटी और परिवार द्वारा खाए जाने वाले मुख्य अनाज जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल होंगे। सटीक भौगोलिक आंकड़ों के लिए राज्य सरकार ने आगामी 31 मार्च 2027 तक नई ग्राम पंचायतों, तहसीलों या जिलों के गठन और उनकी सीमाओं में बदलाव पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। प्रशासन का लक्ष्य है कि फरवरी के अंत तक सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया जाए, जिससे आगामी चरणों में मकानों के सूचीकरण और जनसंख्या गणना का कार्य बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से शुरू हो सके।
