Saturday, March 21, 2026
राजधानीभजनलाल सरकार का 'सांस्कृतिक शंखनाद': बजट से मैरून ब्रीफकेस की विदाई, राजस्थान में अब 'भगवा बही-खाता' का युग

भजनलाल सरकार का ‘सांस्कृतिक शंखनाद’: बजट से मैरून ब्रीफकेस की विदाई, राजस्थान में अब ‘भगवा बही-खाता’ का युग

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में आज एक ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक बदलाव देखने को मिला। दशकों से चली आ रही ब्रिटिश कालीन ‘डार्क मैरून’ ब्रीफकेस की परंपरा को पीछे छोड़ते हुए, उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दीया कुमारी इस बार हाथ में ‘भगवा बैग’ लेकर सदन पहुंचीं। यह बदलाव महज दिखावा नहीं, बल्कि राजस्थान की भजनलाल सरकार के सांस्कृतिक और राजनीतिक विजन का एक बड़ा संदेश है।

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का नया अध्याय

आजादी के बाद से ही बजट पेश करने के लिए चमड़े के डार्क मैरून या काले ब्रीफकेस का इस्तेमाल होता आया था। यह परंपरा औपनिवेशिक काल की याद दिलाती थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केंद्र में ‘बही-खाता’ और फिर ‘टैबलेट’ (डिजिटल बजट) अपनाने के बाद अब राजस्थान ने भी अपनी जड़ों की ओर लौटने का फैसला किया है। त्याग, सेवा और शक्ति का प्रतीक माना जाने वाला भगवा रंग अब प्रदेश की आर्थिक नीतियों की नई पहचान बन गया है।

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