Friday, March 20, 2026
जुर्ममजबूरी से माफिया तक का सफर: कर्ज उतारने के लिए बना तस्कर, ANTF ने एमपी से दबोचा 6 साल से सक्रिय ड्रग किंगपिन

मजबूरी से माफिया तक का सफर: कर्ज उतारने के लिए बना तस्कर, ANTF ने एमपी से दबोचा 6 साल से सक्रिय ड्रग किंगपिन

जयपुर, राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपने विशेष अभियान ‘ऑपरेशन भोजारिस्ट’ (Operation Bhojarist) के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। टास्क फोर्स ने मध्य प्रदेश के भोपाल से एक शातिर गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 6 वर्षों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर राजस्थान में नशे की सप्लाई कर रहा था। गिरफ्तार आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।


कर्ज और मजबूरी ने बनाया ‘ड्रग माफिया’

जांच में सामने आया कि करीब 50 वर्षीय यह आरोपी पहले एक साधारण जीवन जी रहा था। उसकी मां की गंभीर बीमारी और घरेलू खर्चों के कारण उस पर भारी कर्ज हो गया था। कर्ज उतारने के लिए उसने मेहनत-मजदूरी की, लेकिन सफलता न मिलने पर वह अपराध की दुनिया में कदम रख बैठा।

  • शुरुआत: छोटी-मोटी चोरी से अपराध शुरू किया।
  • नेटवर्क: जल्द ही वह गांजा तस्करी के बड़े सिंडिकेट के संपर्क में आया और देखते ही देखते राजस्थान-एमपी नेटवर्क का किंगपिन बन गया।

तस्करी का ‘बिजनेस मॉडल’: 500 का गांजा 2500 में

आरोपी का तस्करी करने का तरीका बेहद संगठित और शातिर था। आईजी (ATS-ANTF) विकास कुमार के अनुसार, आरोपी उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र से गांजा मंगवाता था।

  • ट्रांजिट हब: भोपाल को उसने अपना मुख्य केंद्र (Transit Point) बनाया हुआ था।
  • मुनाफा: वह 400-500 रुपये प्रति किलो में गांजा खरीदकर राजस्थान के जिलों में 2000-2500 रुपये प्रति किलो के भाव पर सप्लाई करता था।
  • छलनी करने के तरीके: पुलिस से बचने के लिए वह सब्जियों की बोरियों, घरेलू सामानों और अलग-अलग वाहनों का इस्तेमाल कर माल की डिलीवरी करता था।

परिवार की छवि पर दाग

हैरानी की बात यह है कि आरोपी का पिता एक सरकारी पद पर कार्यरत रहा है। बेटे के इस काले कारोबार ने न केवल परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को मिट्टी में मिला दिया, बल्कि उसके पिता को भी गहरा मानसिक आघात पहुँचाया है।

ऐसे हुई गिरफ्तारी

ANTF की टीम लंबे समय से तकनीकी सर्विलांस और कॉल डिटेल्स के जरिए इस तस्कर की रेकी कर रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने मध्य प्रदेश में दबिश दी और घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने राजस्थान और एमपी के बीच सक्रिय कई अन्य सप्लायरों और खरीदारों के नाम उगले हैं, जिन पर जल्द कार्रवाई हो सकती है।

“ऑपरेशन भोजारिस्ट के जरिए हमने ड्रग नेटवर्क की मुख्य कड़ी को तोड़ा है। नशे के सौदागरों के लिए राजस्थान में कोई जगह नहीं है, हम इस जाल की जड़ तक पहुँच कर इसे पूरी तरह खत्म करेंगे।” — विकास कुमार, IG (ATS-ANTF)

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