प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 28 फरवरी को अजमेर के कायड़ विश्राम स्थली में होने वाली जनसभा के लिए पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं। इस विशाल रैली की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 5 वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारियों को अलग-अलग मोर्चों पर तैनात किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक (IG) अजमेर रेंज की देखरेख में करीब 2000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, जो कार्यक्रम स्थल से लेकर पार्किंग और यातायात प्रबंधन तक की कमान संभालेंगे।
इन 5 IPS अधिकारियों को मिली अहम जिम्मेदारी
सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए डीआईजी विकास शर्मा, बारां एसपी अभिषेक अंदासु, ब्यावर एसपी रतन सिंह, टोंक एसपी राजेश मीणा और नागौर एसपी मृदुल कच्छावा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें से विकास शर्मा और अभिषेक अंदासु पूर्व में अजमेर में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जिससे उन्हें स्थानीय भौगोलिक स्थिति का बेहतर अनुभव है। ये सभी अधिकारी 26 फरवरी तक अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे और सुरक्षा, पार्किंग प्रबंधन तथा कानून-व्यवस्था का जिम्मा संभालेंगे।
रैली स्थल पर आरएसी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
प्रधानमंत्री की रैली को देखते हुए राजस्थान आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (RAC) की 5 कंपनियों को भीड़ नियंत्रण और संवेदनशील क्षेत्रों में ड्यूटी के लिए लगाया गया है। इसके अलावा, विभिन्न रेंज और जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया है। रैली के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) और डिप्टी एसपी (DySP) स्तर के अधिकारियों को सुपरविजन और समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि सुरक्षा घेरा पूरी तरह अभेद्य रहे।
