जयपुर, राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ युवाओं के बीच गेम-चेंजर साबित हो रही है। इस योजना की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आवेदन शुरू होने के मात्र 10 दिनों के भीतर ही 5,089 युवाओं ने अपना पंजीकरण करा लिया है।
8वीं पास युवाओं के लिए बड़ा अवसर अक्सर उच्च शिक्षा की मांग करने वाली सरकारी योजनाओं से इतर, यह योजना 8वीं पास युवाओं को भी उद्यमी बनने का समान अवसर दे रही है:
- 8वीं से 12वीं पास: ये युवा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 7.5 लाख रुपये और सेवा/व्यापार क्षेत्र के लिए 3.5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही सरकार 35 हजार रुपये की मार्जिन मनी सहायता भी देगी।
- स्नातक या ITI पास: इन युवाओं के लिए मैन्युफैक्चरिंग में 10 लाख रुपये और सेवा क्षेत्र में 5 लाख रुपये तक के लोन का प्रावधान है, जिसमें 50 हजार रुपये की मार्जिन मनी दी जाएगी।
ब्याज का पूरा खर्च उठाएगी सरकार योजना की सबसे आकर्षक खूबी यह है कि बैंक से लिए गए ऋण पर लगने वाले 100% ब्याज का पुनर्भरण राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा। लाभार्थी को बैंक को केवल मूल राशि (Principal Amount) ही लौटानी होगी। साथ ही, CGTMSE पुनर्भरण की जिम्मेदारी भी सरकार की होगी, जिससे ऋण प्रक्रिया और भी सुरक्षित हो गई है।
जयपुर आवेदनों में सबसे आगे उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त सुरेश कुमार ओला के अनुसार, 12 जनवरी से शुरू हुई इस प्रक्रिया में जिलावार रुझान इस प्रकार हैं:
- जयपुर: 385 आवेदन (प्रथम स्थान)
- चूरू: 270 आवेदन
- बीकानेर: 220 आवेदन
- टोंक: 212 आवेदन
- हनुमानगढ़: 209 आवेदन
आवेदन की प्रक्रिया और दस्तावेज योजना को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल रखा गया है। इच्छुक युवा अपनी SSO ID के माध्यम से स्वयं या ई-मित्र केंद्र पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र, फोटो और शैक्षणिक/तकनीकी योग्यता प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज अनिवार्य हैं।
मुख्यमंत्री का विजन इस योजना के माध्यम से प्रदेश के एक लाख युवाओं को उद्यमी बनाना है, जिससे ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।
