राजस्थान के बिश्नोई समाज के सर्वोच्च धार्मिक स्थल मुकाम मठ के पीठाधीश्वर स्वामी रामानंद महाराज रविवार देर रात एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसा उस समय हुआ जब महाराज जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से ‘खेजड़ी संरक्षण कानून’ पर ऐतिहासिक मुलाकात कर वापस बीकानेर लौट रहे थे। गनीमत रही कि इस भीषण दुर्घटना में स्वामी जी पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है।
नीलगाय को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा
ताजा जानकारी के अनुसार, हादसा जसरासर-कातर सड़क मार्ग पर हुआ। देर रात जब स्वामी जी की गाड़ी इस मार्ग से गुजर रही थी, तभी अचानक सड़क पर एक नीलगाय आ गई। नीलगाय को बचाने के प्रयास में गाड़ी अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे पलट गई। गाड़ी के पलटने से मौके पर हड़कंप मच गया, लेकिन सुरक्षा घेरे और एयरबैग्स की वजह से महाराज सुरक्षित बाहर निकल आए।

‘खेजड़ी आंदोलन’ की बड़ी जीत के बाद लौट रहे थे वापस
स्वामी रामानंद महाराज रविवार को बिश्नोई समाज के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ जयपुर में मुख्यमंत्री निवास पहुँचे थे। बीकानेर में पिछले 8 दिनों से चल रहे ‘खेजड़ी बचाओ आंदोलन’ को लेकर मुख्यमंत्री ने विधानसभा में सख्त कानून लाने की घोषणा की थी, जिसका आभार जताने और अभिनंदन करने के लिए संत जयपुर गए थे। मुख्यमंत्री से मुलाकात को बेहद सकारात्मक माना जा रहा था और इस बड़ी सफलता के बाद समाज में हर्ष का माहौल था, तभी देर रात इस दुर्घटना की खबर ने अनुयायियों को चिंता में डाल दिया।
अनुयायियों में दौड़ी खुशी की लहर
जैसे ही स्वामी जी के सुरक्षित होने की खबर सोशल मीडिया और समाचारों के माध्यम से फैली, बिश्नोई समाज और पर्यावरण प्रेमियों ने राहत की सांस ली। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी घटना की जानकारी मिलने पर दूरभाष के जरिए महाराज का कुशलक्षेम जाना। फिलहाल महाराज सुरक्षित स्थान पर हैं और उनके स्वास्थ्य में कोई समस्या नहीं है।
