जयपुर: राजधानी जयपुर के बनीपार्क थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां रक्षक ही भक्षक बन गया। एक निजी स्कूल के ऑफिस असिस्टेंट ने ही मासूम बच्चों की स्कूल फीस पर डाका डाल दिया। अभिभावकों द्वारा जमा कराई गई लाखों रुपए की फीस लेकर आरोपी कर्मचारी फरार हो गया है।
स्कूल प्रबंधन की शिकायत पर बनीपार्क थाना पुलिस ने आरोपी ऑफिस असिस्टेंट के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक विश्वास भंग की धाराओं में संगीन मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में करीब 8 से 10 लाख रुपए की हेराफेरी (गबन) की बात सामने आ रही है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुई ठगी?
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले की रिपोर्ट निजी स्कूल की प्रिंसिपल और बनीपार्क निवासी निधि आढ़ा ने दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि नंदपुरी (सोडाला) का रहने वाला आकाश सक्सेना अक्टूबर 2023 से स्कूल में ऑफिस असिस्टेंट के पद पर कार्यरत था।
ठगी का तरीका (Modus Operandi):
- जिम्मेदारी का दुरुपयोग: मार्च 2024 में स्कूल प्रबंधन ने आकाश सक्सेना पर भरोसा जताते हुए उसे छात्रों और अभिभावकों से मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक फीस वसूलने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
- कैश में ली फीस: आरोपी ने अभिभावकों से फीस की रकम नकद (Cash) में प्राप्त की।
- न रसीद, न एंट्री: फीस लेने के बाद न तो उसने अभिभावकों को कोई आधिकारिक रसीद (Receipt) जारी की, और न ही फीस रजिस्टर को अपडेट किया।
- बैंक में नहीं कराए जमा: सबसे बड़ी धोखाधड़ी यह रही कि उसने यह लाखों रुपए की रकम स्कूल के बैंक खाते में जमा कराने के बजाय अपने पास ही रख ली और फरार हो गया।
पुलिस जांच जारी
जब स्कूल प्रबंधन ने बैंक खातों और फीस रजिस्टर का मिलान किया, तब जाकर इस लाखों रुपए के घोटाले का पर्दाफाश हुआ। फिलहाल पुलिस आरोपी आकाश सक्सेना की तलाश में जुट गई है और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। इस घटना के बाद स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ाने वाले अभिभावकों में भी हड़कंप मच गया है।
