राजस्थान के हाड़ौती संभाग, जिसमें कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिले शामिल हैं, के निवासियों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। इस पूरे क्षेत्र में विकास की रफ्तार को नई उड़ान देने और पेयजल की पुरानी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार की ओर से कुल 6691.30 करोड़ रुपये की तीन ऐतिहासिक सौगातें दी जा रही हैं। इन महात्वाकांक्षी परियोजनाओं में बहुप्रतीक्षित नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण के साथ-साथ जल जीवन मिशन के तहत दो बड़ी पेयजल परियोजनाओं पर युद्धस्तर पर काम शुरू होगा। इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से हाड़ौती के हजारों गांवों की प्यास बुझेगी और लाखों परिवारों के घरों तक मीठा पानी पहुंचेगा।
इन तीन बड़ी सौगातों में सबसे प्रमुख 1507 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला नया कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट है, जो हाड़ौती क्षेत्र में हवाई कनेक्टिविटी, व्यापार और पर्यटन को जबरदस्त तरीके से बढ़ावा देगा। इसके अलावा, जल जीवन मिशन के तहत 1661.14 करोड़ रुपये की लागत वाली ‘नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना’ पर भी मुहर लग गई है। इस अहम परियोजना से कोटा और बूंदी जिलों के कुल 749 गांवों तथा 6 कस्बों के 1 लाख 13 हजार 287 परिवारों को ‘हर घर जल’ का लाभ मिलेगा। प्रशासन ने नौनेरा परियोजना को चार अलग-अलग कार्यकारी पैकेजों में बांटा है। इसके पहले पैकेज (207.38 करोड़ रुपये) का कार्यादेश 4 दिसंबर 2025 को ही जारी कर दिया गया है। इस पैकेज के जरिए कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र सहित लाडपुरा, पीपल्दा, सांगोद और केशवरायपाटन जैसे विधानसभा क्षेत्रों में इन्टेक वेल, रॉ-वॉटर राइजिंग मैन और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) का निर्माण किया जाएगा।
हाड़ौती के विकास की तीसरी और सबसे बड़ी कड़ी ‘परवन अकावद वृहद पेयजल परियोजना’ है, जिसके लिए सरकार ने 3523.16 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है। इस महाप्रोजेक्ट के जरिए बारां, कोटा और झालावाड़ जिलों के 1402 गांवों एवं 276 ढाणियों में रहने वाले 1 लाख 52 हजार 437 परिवारों तक सीधे नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा। इस वृहद परियोजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए कुल पांच पैकेजों में बांटा गया है। इसमें से 236.01 करोड़ रुपये के पहले पैकेज का कार्यादेश 10 सितंबर 2025 को जारी हो चुका है। इस अहम पैकेज के अंतर्गत झालावाड़-बारां और कोटा-बूंदी क्षेत्रों के तहत आने वाले मनोहरथाना, खानपुर, छबड़ा, अटरू, अंता, किशनगंज और सांगोद जैसे विधानसभा क्षेत्रों के हजारों गांवों को पानी की सप्लाई मिलेगी। इन सभी कार्यों के तहत इन्टेक वेल और जल शोधन संयंत्रों के साथ-साथ ट्रांसमिशन लाइनें बिछाने का कार्य प्रमुखता से किया जाएगा।
