जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब देते हुए राज्य सरकार के दो वर्ष के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। मुख्यमंत्री ने सदन के पटल पर पहली बार दो साल की उपलब्धियों का दस्तावेज रखते हुए दावा किया कि वर्तमान सरकार ने केवल दो वर्षों में पूर्ववर्ती सरकार के पांच साल से अधिक कार्य किए हैं।
वित्तीय प्रबंधन और अर्थव्यवस्था पर प्रहार मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकार ने प्रदेश पर 5 लाख 79 हजार 781 करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ा था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कुशल प्रबंधन से राजस्व घाटे में 8 हजार करोड़ रुपये की कमी आई है और राजस्थान की अर्थव्यवस्था को स्थिरता के साथ गति मिली है।
कृषि और जल प्रबंधन: ‘रामजल सेतु’ से नई क्रांति कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए राज्य सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं:
- जल संग्रहण: ‘रामजल सेतु’ परियोजना के तहत नवनेरा बैराज और ईसरदा बांध में जल संग्रहण शुरू हो चुका है।
- किसान सम्मान निधि: किसानों के खातों में 10,508 करोड़ रुपये की सम्मान निधि हस्तांतरित की गई है। मुख्यमंत्री ने इस राशि को 5 साल में दोगुना करने का संकल्प दोहराया।
- सिंचाई सुविधा: दो वर्षों में 99,562 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई।
कानून व्यवस्था: अपराधियों पर नकेल मुख्यमंत्री ने सुरक्षा और न्याय के मोर्चे पर आंकड़े पेश करते हुए बताया कि:
- महिला सुरक्षा: महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 10 प्रतिशत और अनुसूचित जाति/जनजाति पर अत्याचार के मामलों में 28 प्रतिशत की कमी आई है।
- पेपरलीक कार्रवाई: पेपरलीक प्रकरणों में 140 FIR दर्ज की गई हैं और 428 से अधिक अपराधी जेल की सलाखों के पीछे हैं।
युवा और रोजगार: कैलेंडर के साथ भर्तियाँ युवाओं को संबल देने के लिए अब तक 1 लाख से अधिक नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1 लाख 55 हजार भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि निजी क्षेत्र में भी 2 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए गए हैं।
पर्यावरण और विरासत: खेजड़ी संरक्षण के लिए बनेगा कानून राजस्थान के राज्य वृक्ष ‘खेजड़ी’ के संरक्षण के लिए सरकार नया कानून लाएगी। प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश में दो वर्षों में 20 करोड़ पौधे लगाए गए हैं, जिसे पांच वर्षों में 50 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य है।
औद्योगिक क्रांति और निवेश ‘राइजिंग राजस्थान’ के माध्यम से प्रदेश में 35 लाख करोड़ रुपये के MOU किए गए हैं, जिनमें से 8 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है। प्रदेश के विकास के लिए सरकार 34 नई नीतियां लेकर आई है।
