चूरू: मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा रविवार को चूरू के जिला खेल स्टेडियम में आयोजित ‘गौरव सेनानी समारोह’ में सम्मिलित हुए। भारतीय सेना की सप्त शक्ति कमान द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर पूर्व सैनिकों और त्याग की प्रतिमूर्ति ‘वीर नारियों’ का सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने चूरू वासियों और सैन्य परिवारों को एक बड़ी सौगात देते हुए जिला खेल स्टेडियम का नाम 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के महानायक लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ के नाम पर रखने की घोषणा की।
1971 के नायक को मिला सम्मान: कौन थे जनरल सगत सिंह?

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ का अदम्य साहस और शौर्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा। 1971 के युद्ध में उन्होंने जिस तरह ढाका की ओर कूच किया और पाकिस्तानी सेना को घुटने टेकने पर मजबूर किया, वह सैन्य इतिहास का स्वर्ण अध्याय है। उनके नाम पर स्टेडियम का नामकरण करना उनके प्रति राज्य सरकार की सच्ची श्रद्धांजलि है।
पूर्व सैनिकों को जॉब लेटर और सम्मान
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई:
- रोजगार की सौगात: सीएम ने कई पूर्व सैनिकों को उनके पुनर्वास के तहत जॉब लेटर (नियुक्ति पत्र) सौंपे।
- सम्मान और संवाद: उन्होंने ‘वीर नारियों’ और पूर्व सैनिकों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना।
- प्रदर्शनी का अवलोकन: मुख्यमंत्री ने सप्त शक्ति कमान द्वारा लगाई गई हथियारों और सैन्य उपकरणों की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और विभिन्न स्टॉल्स पर जाकर जानकारी ली।
‘अटल संकल्प’ – वीर प्रसूता माताओं और परिजनों का कल्याण

मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि राजस्थान की धरती वीर प्रसूता माताओं की धरती है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार राष्ट्ररक्षकों और उनके परिजनों के सर्वांगीण कल्याण व सम्मान हेतु अटल संकल्पित है।” उन्होंने सेना और नागरिक प्रशासन के बीच इस तरह के समन्वय की सराहना की ताकि सैनिकों को सेवानिवृत्ति के बाद भी सम्मानजनक जीवन मिल सके।
इस अवसर पर सेना के उच्चाधिकारी, जिला प्रशासन के अधिकारी और भारी संख्या में गौरव सेनानी उपस्थित रहे।
