भीलवाड़ा। भीलवाड़ा जिले के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने के लिए जिला प्रशासन ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। जिला कलेक्टर एवं डीएमएफटी अध्यक्ष जसमीत सिंह संधू ने जिले के 763 विकास कार्यों के लिए 156 करोड़ 58 लाख 56 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है। यह बजट जिले के शैक्षणिक ढांचे को आधुनिक बनाने और बालिकाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा।
बजट का पूरा गणित: कहाँ कितना होगा खर्च?
इस महा-बजट को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है ताकि स्कूलों का सर्वांगीण विकास हो सके:
- नए कक्षा-कक्ष: 388 स्कूलों में नए क्लासरूम बनाने के लिए ₹119.31 करोड़ आवंटित।
- शौचालय व रिनोवेशन: 99 + 49 स्कूलों के जीर्णोद्धार और टॉयलेट ब्लॉक के लिए लगभग ₹7.30 करोड़।
- टीन शेड निर्माण: 148 स्कूलों के लिए ₹25.16 करोड़ का प्रावधान।
- विशेष फोकस: आसींद, जहाजपुर और शाहपुरा विधानसभा क्षेत्रों के स्कूलों को सबसे ज्यादा बजट मिला है।
टेंडर प्रक्रिया और समय सीमा
लेटेस्ट अपडेट के अनुसार, इस विशाल प्रोजेक्ट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
- टेंडर की अंतिम तिथि: कई स्कूलों के लिए बिड सबमिशन की तारीख 11 फरवरी, 2026 तय की गई है।
- कार्य पूर्णता: निर्माण कार्यों को कार्यादेश जारी होने के 60 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- डिजिटल मॉनिटरिंग: भ्रष्टाचार रोकने के लिए सभी कार्यों की जियो-टैगिंग और काम शुरू होने से पहले व बाद की जीपीएस फोटो अनिवार्य की गई है।
इन क्षेत्रों में दिखेगा बड़ा बदलाव
शाहपुरा के राउमावि डाबला कचडा में ₹68.31 लाख से 6 नए कमरे बनेंगे, वहीं राउप्रावि देव खेड़ा में ₹20 लाख से प्रार्थना हॉल का निर्माण होगा। इसके अलावा नहरी, रायपुर, बनेड़ा और शक्करगढ़ जैसे ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में भी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
