जयपुर: राजस्थान के ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने शुक्रवार को विधानसभा में मनरेगा योजना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, किसी भी एक ग्राम पंचायत में एक साथ 20 से अधिक कार्य अनुमत नहीं किए जाएंगे। इस सीमा के कारण ही बाड़मेर जैसे जिलों में कई नए कार्यों के मस्टर रोल जारी करने में तकनीकी समस्या आ रही है।
बाड़मेर में 65% पेंडेंसी और करोड़ों का ‘फर्जीवाड़ा’ ।
मंत्री ने सदन में विधायक हरीश चौधरी के सवालों का जवाब देते हुए बाड़मेर जिले में मनरेगा के कार्यों में भारी अनियमितताओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि:
- पेंडेंसी: बाड़मेर जिले में वर्तमान में 65% से अधिक कार्य लंबित (Pending) हैं। जब तक पुराने कार्य पूर्ण नहीं होते, नया मस्टर रोल जारी नहीं किया जा सकता।
- भ्रष्टाचार की जांच: राज्य स्तरीय जांच दल ने बाड़मेर में करीब 5.08 लाख व्यक्तिगत कार्यों और सड़कों का भौतिक सत्यापन किया।
- बड़ी रिकवरी: जांच में सामने आया कि 24,886 संपर्क सड़कों के निर्माण में बिना काम किए लगभग ₹14,086 करोड़ 52 लाख का अनियमित भुगतान किया गया।
बाड़मेर मनरेगा: स्वीकृत कार्यों का तुलनात्मक विवरण (Table)
| अवधि | स्वीकृत कार्यों की संख्या | स्थिति |
| जनवरी 2019 – दिसंबर 2023 | 2,88,744 | पिछली सरकार का कार्यकाल |
| जनवरी 2024 – दिसंबर 2025 | 96,969 | वर्तमान सरकार का कार्यकाल |
| वर्ष 2025-26 (20 फरवरी तक) | 47,488 | वर्तमान वित्तीय वर्ष |
टांका निर्माण को मिली केंद्र से मंजूरी ।
मरुस्थलीय क्षेत्रों के लिए एक राहत भरी खबर देते हुए मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विशेष अनुरोध पर केंद्र सरकार ने अब ‘फार्म पॉण्ड’ श्रेणी में टांका निर्माण की अनुमति दे दी है। हालांकि, बाड़मेर में मनरेगा सॉफ्ट पोर्टल पर मस्टर रोल जारी न होने का मुख्य कारण पंचायतवार कार्यों की तय सीमा (20 कार्य) का पूरा होना है।
मानव दिवस सृजन में बढ़ोतरी ।
रोजगार उपलब्ध कराने के मामले में सरकार ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि बाड़मेर में मानव दिवस सृजन में तेजी आई है:
- वर्ष 2023-24: 40,548 मानव दिवस
- वर्ष 2025-26: 97,310 मानव दिवस
