राजस्थान के शाहपुरा में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उदयभान गेट क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति के साथ बेरहमी से मारपीट करने और बिना वारंट घर में घुसने के आरोप में तत्कालीन डीएसपी (DSP) सहित 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई पीड़ित द्वारा न्यायालय में इस्तगासा (Istgasa) पेश करने के बाद कोर्ट के आदेश पर हुई है।
सादे कपड़ों में घर में घुसने और बदसलूकी का आरोप पीड़ित देवीलाल कोली ने अपनी शिकायत में बताया कि करीब 6 महीने पहले तत्कालीन डीएसपी ओमप्रकाश विश्नोई अपने जाब्ते के साथ सादे कपड़ों में उनके घर पहुंचे थे। उस समय घर में केवल महिलाएं और बच्चे थे। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने घर में घुसते ही परिजनों के साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की। विरोध करने पर पीड़ित को जबरन गाड़ी में डालकर रामद्वारा चौकी ले जाया गया।
बर्बरता से टूटे हाथ और पैर शिकायत के अनुसार, पुलिस चौकी में पीड़ित के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। देवीलाल का आरोप है कि उन्हें चोरी का सामान खरीदने की बात कबूल करने के लिए मजबूर किया गया और इनकार करने पर डंडों, लात-घूंसों और पट्टों से बुरी तरह पीटा गया। इस मारपीट के कारण देवीलाल का एक हाथ और एक पैर टूट गया।
इन अधिकारियों पर दर्ज हुआ मुकदमा न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने इस मामले में तत्कालीन डीएसपी ओमप्रकाश विश्नोई, वाहन चालक शब्बीर खान, कांस्टेबल बनवारीलाल कुमावत, हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह, कांस्टेबल मुकेश कुमार और रवि स्वरूप को आरोपी बनाया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
