बैंकों में अपना पैसा सुरक्षित रखने का भरोसा अब आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहा है। हाल ही में संसद में पेश की गई एक चौंकाने वाली रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि पिछले तीन वर्षों (2023 से 2025) के दौरान सरकारी और निजी बैंकों ने ‘मिनिमम बैलेंस’ मेंटेन न करने के नाम पर देश की जनता से 19,083.74 करोड़ रुपए की भारी-भरकम पेनल्टी वसूली है।
निजी बैंक वसूली में सबसे आगे: HDFC टॉप पर
हैरानी की बात यह है कि सरकारी बैंकों की तुलना में निजी बैंक इस ‘वसूली’ में बहुत आगे हैं। आंकड़ों के अनुसार:
- निजी बैंक: करीब 10,990 करोड़ की राशि पेनल्टी के रूप में वसूली। अकेले HDFC बैंक ने 3,871.77 करोड़ रुपए वसूले हैं, जो कुल वसूली का 20.29% हिस्सा है।
- सरकारी बैंक: इन्होंने 8,092 करोड़ की पेनल्टी काटी है। सरकारी क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) 1,577.87 करोड़ रुपए की वसूली के साथ टॉप पर रहा।
राजस्थान में 435 करोड़ का ‘जुर्माना’
इस आर्थिक बोझ से राजस्थान भी अछूता नहीं रहा है। प्रदेश में बैंकों ने पिछले 3 सालों में 435 करोड़ रुपए की वसूली की है। राज्य में सबसे ज्यादा पेनल्टी वसूलने वाले टॉप 3 बैंक:
- HDFC: 90 करोड़ रुपए
- एक्सिस बैंक: 76 करोड़ रुपए
- PNB: 49 करोड़ रुपए
हर साल बढ़ रहा है वसूली का ग्राफ
रिपोर्ट के विश्लेषण से पता चलता है कि पेनल्टी की यह राशि हर साल लगातार बढ़ती जा रही है, जो सीमित आय वाले ग्राहकों के लिए चिंता का विषय है:
- 2022-23: 5,579 करोड़ रुपए
- 2023-24: 6,529 करोड़ रुपए
- 2024-25: 6,974 करोड़ रुपए
विशेषज्ञों की राय: पूर्व एलडीएम रतनलाल वर्मा के अनुसार, यह सीधा प्रहार उन लोगों पर है जिनकी आय सीमित है। पेनल्टी की राशि ग्राहक की आय के आधार पर तय होनी चाहिए ताकि आम आदमी पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
अवैध वसूली से कैसे बचें?
- BSBD खाता: अपने बैंक खाते को ‘बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट’ में बदलवाएं। यह पूरी तरह ‘जीरो बैलेंस’ खाता होता है जिसमें कोई पेनल्टी नहीं लगती।
- SMS अलर्ट सेवा: अपने मोबाइल पर एसएमएस अलर्ट हमेशा सक्रिय रखें ताकि बैलेंस कम होते ही आपको सूचना मिल जाए और आप पेनल्टी से बच सकें।
- निष्क्रिय खाते बंद करें: पुराने या उपयोग में न आने वाले खातों को तुरंत बंद करें। अक्सर बैंक इनमें चुपचाप पेनल्टी काटकर बैलेंस ‘माइनस’ में कर देते हैं, जिससे भविष्य में आपका सिबिल स्कोर (CIBIL) भी प्रभावित हो सकता है।
