Friday, Jun 5, 2026

Weekly Newspaper

The Public Hub
Login
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत
Reading: जयपुर में 1500 करोड़ की जमीन पर JDA को हाईकोर्ट से करारा झटका: विशेष अपील खारिज, प्रार्थी को 9000 वर्गमीटर जमीन आवंटित करने के निर्देश
Share
E-Paper
Font ResizerAa
The Public HubThe Public Hub
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
Search
  • Home
  • E-Paper
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • Contact
Follow US
Made by ThemeRuby using the Foxiz theme. Powered by WordPress

Home - जयपुर - जयपुर में 1500 करोड़ की जमीन पर JDA को हाईकोर्ट से करारा झटका: विशेष अपील खारिज, प्रार्थी को 9000 वर्गमीटर जमीन आवंटित करने के निर्देश

जयपुरशहरी विकास विभाग

जयपुर में 1500 करोड़ की जमीन पर JDA को हाईकोर्ट से करारा झटका: विशेष अपील खारिज, प्रार्थी को 9000 वर्गमीटर जमीन आवंटित करने के निर्देश

By The Public Hub
Last updated: March 24, 2026
4 Min Read

जयपुर राजधानी जयपुर के टोंक रोड स्थित एयरपोर्ट प्लाजा स्कीम (Airport Plaza Scheme) की करीब 1500 करोड़ रुपए की बेशकीमती जमीन के मामले में जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने जेडीए की विशेष अपील को खारिज करते हुए प्रार्थी कंपनी ‘साई दर्शन होटल्स एंड मोटल्स’ के पक्ष में 9000 वर्गमीटर (अधिग्रहित भूमि का 15 फीसदी) विकसित जमीन का आवंटन आदेश तत्काल जारी करने के निर्देश दिए हैं।

Contents
कोर्ट की अहम टिप्पणियां: क्यों हारा जेडीए?भ्रष्टाचार और अवैध आवंटन की JDA की दलीलें खारिजक्या है 1500 करोड़ की जमीन का पूरा विवाद? (Timeline)

एक्टिंग सीजे संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए एकलपीठ के 6 अगस्त 2009 के आदेश को बरकरार रखा है और उसमें किसी भी तरह के दखल से इनकार कर दिया है।

कोर्ट की अहम टिप्पणियां: क्यों हारा जेडीए?

खंडपीठ ने जेडीए की दलीलों को सिरे से खारिज करते हुए कई महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं:

  • वादों से नहीं मुकर सकती सरकार: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अपने ही निर्णयों से पीछे नहीं हट सकती, खासकर तब, जब संबंधित पक्ष (प्रार्थी) ने उन आदेशों पर भरोसा करके अपनी तरफ से सभी मुकदमे वापस ले लिए हों।
  • मुआवजे का सही अर्थ: कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जेडीए कई सालों से इस जमीन का उपयोग कर रहा है, जबकि मूल मालिकों या उनके उत्तराधिकारियों को उचित मुआवजा तक नहीं मिला। “केवल कोर्ट में राशि जमा करा देना ही भुगतान नहीं माना जा सकता।”
  • 15% विकसित भूमि का अधिकार: राज्य सरकार की 2001 की नीति के अनुसार, प्रभावित पक्ष 15 फीसदी विकसित भूमि प्राप्त करने का अधिकारी है।

भ्रष्टाचार और अवैध आवंटन की JDA की दलीलें खारिज

जेडीए की ओर से कोर्ट में दलील दी गई थी कि इस जमीन का आवंटन अवैध तरीके से हुआ है और इससे सरकारी खजाने को भारी आर्थिक नुकसान होगा। जेडीए ने मामले में भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए थे। हालांकि, खंडपीठ ने इन सभी दलीलों को अस्वीकार कर दिया और कहा कि इस जमीन के मामले में जो भी आदेश पारित किए गए थे, वे राज्य सरकार की नीति के पूर्णतः अनुरूप और वैध हैं।


क्या है 1500 करोड़ की जमीन का पूरा विवाद? (Timeline)

यह विवाद दशकों पुराना है, जिसकी शुरुआत 1969 से हुई थी:

  • 21 अगस्त 1969: राज्य सरकार ने सांगानेर तहसील क्षेत्र की इस जमीन के अधिग्रहण के लिए अधिसूचना जारी की।
  • 9 अप्रैल 1981: अंतिम अवार्ड पारित कर मुआवजे की राशि कोर्ट में जमा करवाई गई, लेकिन खातेदारों ने राशि बढ़ाने का दावा किया जो लंबित रहा।
  • 12 सितंबर 1982: जेडीए के अस्तित्व में आने के बाद उसने अधिसूचना जारी कर जमीन का कब्जा ले लिया।
  • अधिकारों का हस्तांतरण: प्रार्थी ‘साई दर्शन होटल्स’ ने खातेदारों के असाइनी से भूमि अधिकार प्राप्त कर लिए और हाईकोर्ट का रुख किया।
  • मई 2003: प्रार्थी ने मुक़दमे वापस लिए। 12 और 19 मई 2003 को राज्य सरकार ने 15% विकसित जमीन आवंटन के आदेश दिए।
  • जून 2009: अचानक 23 जून 2009 को सरकार ने अपने ही दोनों आवंटन आदेशों को स्थगित कर दिया, जिसके बाद यह कानूनी लड़ाई फिर शुरू हुई, जो अब प्रार्थी के पक्ष में खत्म हुई है।
TAGGED:1500 Crore Land Dispute Jaipuraipur JDA NewsAirport Plaza Scheme Tonk RoadJaipur Real Estate NewsJDA Land AllotmentLegal News RajasthanRajasthan High Court DecisionSai Darshan Hotels and Motels
Share This Article
Facebook Copy Link Print
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HOT NEWS

गिल-सुदर्शन की तूफानी जुगलबंदी के आगे बौना साबित हुआ 215 का लक्ष्य, अब फाइनल में आरसीबी से भिड़ेगी जीटी

97 किलो डोडा चूरा तस्करी मामले में फंसा पुलिसकर्मी, बारां पुलिस ने सेवा से निकाला

सावधान! डिजिटल अरेस्ट से घबराने की जरूरत नहीं, राजस्थान पुलिस की ‘अभय’ चैटबॉट करेगी हर फर्जी नोटिस की जांच

पश्चिमी विक्षोभ ने पलटी मौसम की चाल: भयंकर अंधड़ से उखड़े पेड़ और बिजली के पोल

राजस्थान के 26 जिलों में दिन के दो ब्लॉक में बिजली सप्लाई शुरू

YOU MAY ALSO LIKE

खेजड़ी के संरक्षण के लिए राजस्थान सरकार लाएगी ‘वृक्ष संरक्षण विधेयक’

जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की संस्कृति और पर्यावरण के प्रतीक खेजड़ी वृक्ष को बचाने…

जयपुर
March 9, 2026

सावधान! राजस्थान के 16 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, बारिश के बाद सताएगी उमस और गर्मी

राजस्थान में पिछले दो दिनों से मौसम का मिजाज पल-पल बदल रहा है। राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई हिस्सों…

जयपुरमौसम
May 8, 2026

शेल्टर होम से ‘कर्मस्थली’ बने राजस्थान के राज्य महिला सदन; 218 महिलाओं को मिला हुनर

जयपुर। सपनों के टूटने, अपनों के छूटने और सामाजिक प्रताड़ना के अंधकार से निकलकर जब कोई महिला राजस्थान सामाजिक न्याय…

जयपुर
May 26, 2026

गर्भवती से छेड़छाड़ मामले में लापरवाही पर एसएचओ लाइनहाजिर: बजाज नगर थानाप्रभारी को भी पुलिस लाइन भेजा

जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में प्रशासनिक आधार पर एक महत्वपूर्ण फेरबदल किया गया है। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने पांच थानों…

जयपुर
May 5, 2026

The Public Hub is Jaipur’s premier weekly newspaper dedicated to high-impact investigative journalism. Focused on Rajasthan’s socio-political landscape, we deliver research-based deep dives and hard-hitting facts that go beyond the headlines. Registered under RNI: RJBIL/26.A0142, we are committed to accountability and the pursuit of truth.

  • Home
  • Privacy Policy
  • About us
  • Terms and Conditions
  • E-Paper
  • राजस्थान
  • जुर्म
  • कानून
  • योजना
  • धर्म
  • भारत
  • शिक्षा विभाग
  • Home
  • राजस्थान
  • विभाग
  • जुर्म
  • धर्म
  • भारत

Follow US: 

-

All Rights Reserved
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?