Saturday, March 21, 2026
कानून या न्याय"संजय दत्त और नोरा फतेही की बढ़ी मुश्किलें: जयपुर में फिल्म 'KD' के गाने पर अश्लीलता का आरोप, दर्ज होगी FIR!"

“संजय दत्त और नोरा फतेही की बढ़ी मुश्किलें: जयपुर में फिल्म ‘KD’ के गाने पर अश्लीलता का आरोप, दर्ज होगी FIR!”

जयपुर | बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त और अभिनेत्री नोरा फतेही की आगामी फिल्म ‘KD (The Devil)’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म के हालिया रिलीज गाने ‘सरके चुनरी तेरी…’ में दिखाई गई अश्लीलता और अभद्र बोलों को लेकर जयपुर की एक सामाजिक संस्था ने कड़ा रुख अपनाया है। जयपुर स्थित ‘मिरर फाउंडेशन’ (Mirror Foundation) ने इस संबंध में श्याम नगर थानाधिकारी को पत्र लिखकर फिल्म की पूरी टीम के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है

सभ्य समाज और महिलाओं की गरिमा पर आघात

मिरर फाउंडेशन के सचिव और एडवोकेट चंद्रशेखर कच्छावा द्वारा दी गई शिकायत में कहा गया है कि यूट्यूब पर रिलीज किया गया यह गाना अश्लीलता की सारी हदें पार करता है । संस्था का आरोप है कि निर्देशक प्रेम द्वारा निर्देशित इस गाने में इस्तेमाल की गई भाषा, चित्रण, अभिनय और नृत्य न केवल अभद्र है, बल्कि यह एक सभ्य समाज में महिलाओं की मर्यादा को गंभीर ठेस पहुँचाने वाला कृत्य है

इन दिग्गजों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

शिकायत में फिल्म से जुड़े कई बड़े नामों को आरोपी बनाने की मांग की गई है, जिनमें शामिल हैं:

  • निर्माता व निर्देशक: प्रेम
  • प्रोड्यूसर्स: वेंकट के. नारायणा और सुप्रीत (KVN Production)
  • कलाकार: अभिनेत्री नोरा फतेही और अभिनेता संजय दत्त
  • संगीत टीम: गीतकार रकीब आलम और गायिका मांगली (सत्यवती राठौड़)
  • अन्य: फिल्म सेंसर बोर्ड और संबंधित यूट्यूब चैनल।

कानूनी धाराओं के तहत घेरे जाने की तैयारी

संस्था ने अपनी शिकायत में तर्क दिया है कि बिना किसी उचित जांच-पड़ताल के ऐसे अश्लील गानों को सोशल मीडिया पर प्रदर्शित करना कानून का खुला उल्लंघन है । शिकायतकर्ता ने मांग की है कि दोषियों के विरुद्ध निम्नलिखित कानूनों के तहत मामला दर्ज किया जाए:

  1. भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 294, 295, 296 और 79।
  2. Indecent Representation of Women (Prohibition) Act, 1986।
  3. IT Act: धारा 67 और 67ए।
  4. POCSO Act: (चूंकि ऐसे कंटेंट का बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ता है)।

युवाओं और बच्चों के चरित्र पर प्रभाव का डर

मिरर फाउंडेशन का कहना है कि यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग आज बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी कर रहे हैं 。 ऐसे में इस तरह के ‘अश्लील और अभद्र’ प्रदर्शन से समाज के नाबालिगों और युवाओं के चरित्र पर अत्यंत नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा । संस्था ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और राजस्थान पुलिस महानिदेशक को भी प्रतिलिपि भेजकर उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है

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