Saturday, March 21, 2026
राजधानीजल्द पटरियों पर दौड़ेगी पहली वंदे भारत स्लीपर, दिल्ली-अहमदाबाद के बीच जयपुर बनेगा बड़ा जंक्शन

जल्द पटरियों पर दौड़ेगी पहली वंदे भारत स्लीपर, दिल्ली-अहमदाबाद के बीच जयपुर बनेगा बड़ा जंक्शन

जयपुर, राजस्थान में प्रीमियम रेल यात्रा का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। भारतीय रेलवे जल्द ही प्रदेश को पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat Sleeper Train) की सौगात देने की तैयारी में है। उत्तर-पश्चिम रेलवे (NWR) द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार, यह ट्रेन देश के दो व्यस्ततम शहरों—दिल्ली और अहमदाबाद के बीच संचालित होगी, जिसका सबसे बड़ा फायदा राजस्थान के यात्रियों को मिलेगा।

प्रस्तावित रूट और ठहराव

सूत्रों के अनुसार, दिल्ली-अहमदाबाद वंदे भारत स्लीपर का रूट राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक और पर्यटन केंद्रों को जोड़ेगा:

  • प्रमुख स्टेशन: यह ट्रेन दिल्ली से चलकर जयपुर, अजमेर और आबू रोड होते हुए अहमदाबाद तक जाएगी।
  • समय की बचत: फिलहाल दिल्ली से अहमदाबाद की दूरी तय करने में करीब 12-14 घंटे लगते हैं, लेकिन वंदे भारत स्लीपर से यह सफर मात्र 8 से 9 घंटे में सिमटने की उम्मीद है।
  • दोहरा लाभ: जयपुर के यात्रियों को एक ही ट्रेन से दिल्ली (उत्तर) और अहमदाबाद (पश्चिम) दोनों दिशाओं में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी।

वंदे भारत स्लीपर की खासियतें

वंदे भारत का यह नया ‘स्लीपर वर्जन’ लंबी दूरी की रात की यात्रा के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • कोच कंपोजिशन: इसमें कुल 16 कोच होंगे, जिनमें 11 एसी 3-टियर, 4 एसी 2-टियर और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल होगा।
  • यात्री क्षमता: ट्रेन में एक बार में लगभग 823 यात्री सफर कर सकेंगे।
  • आधुनिक सुविधाएं: यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें सेंसर आधारित वॉटर टैप, बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स, रीडिंग लाइट्स, और शोर कम करने के लिए विशेष साउंड प्रूफिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
  • रफ़्तार: ट्रायल के दौरान इस ट्रेन ने 180 किमी/घंटा की रफ़्तार को छुआ है, हालांकि परिचालन के दौरान इसे 130-160 किमी/घंटा की गति पर चलाया जा सकता है।

कब शुरू होगी सेवा?

रेलवे बोर्ड से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद, राजस्थान को मिलने वाली यह ट्रेन देश की शुरुआती स्लीपर वंदे भारत सेवाओं में से एक होगी। उल्लेखनीय है कि देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (हावड़ा-कामाख्या) का संचालन इसी सप्ताह शुरू हुआ है, और अब राजस्थान की बारी मानी जा रही है।

उत्तर-पश्चिम रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि यह ट्रेन न केवल समय बचाएगी बल्कि ‘आश्रम एक्सप्रेस’ जैसे मौजूदा विकल्पों के मुकाबले अधिक आरामदायक और सुरक्षित सफर प्रदान करेगी।

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