जयपुर: राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रदेश के समस्त सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक सख्त आदेश जारी किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन के दृष्टिगत कार्यालय कार्यों के समयबद्ध और सुचारू निष्पादन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश के समस्त राजकीय विभागों और कार्यालयों में कार्यरत किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को 31 मार्च 2026 तक अवकाश या प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वीकृत नहीं किया जाएगा। मुख्य सचिव द्वारा जारी इस आदेश के बाद अब सचिवालय से लेकर जिला स्तर के कार्यालयों में कर्मचारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि केवल अत्यावश्यक या आपातकालीन परिस्थितियों को छोड़कर किसी भी प्रकार की छुट्टी नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही, जिन अधिकारियों या कर्मचारियों को पहले से अवकाश स्वीकृत किए जा चुके हैं, वे भी केवल आपातकालीन या बेहद जरूरी स्थिति में ही उस अवकाश का उपभोग कर सकेंगे। मार्च का महीना सरकारी कामकाज, बजट उपयोग और वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कड़ा कदम उठाया है ताकि क्लोजिंग के समय कोई भी कार्य लंबित न रहे।
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी इस आज्ञा की प्रतिलिपि राज्यपाल सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय, सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों, विभागाध्यक्षों और पुलिस महानिदेशक सहित समस्त संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है। आदेश में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इन निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि इससे पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी गैस संकट की निगरानी के लिए खाद्य विभाग के अधिकारियों की छुट्टियां निरस्त की थीं, लेकिन अब यह आदेश राज्य के सभी सरकारी विभागों पर लागू कर दिया गया है।
