Saturday, March 21, 2026
भारतगलतफहमी ने रोका प्रमोशन: नाबालिग साली के 'सपनों वाली छेड़छाड़' के आरोप से एयरफोर्स जवान मुक्त

गलतफहमी ने रोका प्रमोशन: नाबालिग साली के ‘सपनों वाली छेड़छाड़’ के आरोप से एयरफोर्स जवान मुक्त

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक हैरान कर देने वाला कानूनी मामला सामने आया है, जहाँ एक वायुसेना जवान को अपनी ही नाबालिग साली से छेड़छाड़ के आरोप से विशेष अदालत ने बरी कर दिया है। इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पीड़िता ने कोर्ट में कुबूल किया कि जिसे उसने हकीकत समझा था, वह दरअसल एक ‘सपना’ था।

2019 में दर्ज हुआ था मामला

यह पूरा मामला अगस्त 2019 का है। उस समय 15 साल की एक किशोरी ने अपने जीजा, अनुराग शुक्ला, जो वायुसेना में कार्यरत हैं, पर सोते समय छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगाया था। लड़की अपनी बहन के घर रुकी हुई थी और इसी दौरान उसने यह शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुराग शुक्ला के खिलाफ पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था।

दवाइयों के असर और गलतफहमी का खेल

सुनवाई के दौरान जब पीड़िता से कोर्ट में पूछताछ की गई, तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। लड़की ने अदालत को बताया कि घटना के समय वह काफी बीमार थी और हाई-डोज एंटीबायोटिक दवाएं ले रही थी। दवाइयों के असर के कारण वह अर्ध-बेहोशी (Drowsiness) की हालत में थी।

लड़की ने कोर्ट में बयान दिया:

“मैं उस वक्त एंटीबायोटिक दवाएं ले रही थी और बेहोशी जैसी हालत में थी। मुझे सपने में ऐसा महसूस हुआ कि मेरे जीजा ने मुझे पकड़ लिया है और छेड़छाड़ की है। यह पूरी घटना सिर्फ एक गलतफहमी थी, जिसके कारण केस दर्ज हो गया।”

झूठे आरोप ने छीना करियर का हक

इस कानूनी लड़ाई और पोक्सो केस के कलंक के कारण अनुराग शुक्ला को भारी नुकसान उठाना पड़ा। अनुराग ने बताया कि इस केस की वजह से उनकी पदोन्नति (Promotion) रुक गई। वह आज भी ‘लीडिंग एयरक्राफ्टमैन’ के पद पर ही कार्यरत हैं, जबकि बिना इस विवाद के वे अब तक उच्च पद पर पहुंच चुके होते। कोर्ट ने पीड़िता के बयान और तथ्यों को देखते हुए वायुसेना जवान को सभी आरोपों से ससम्मान बरी कर दिया है।

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