राजस्थान की राजधानी जयपुर में आधिकारिक होली से पहले ही उत्सव का माहौल चरम पर पहुंच गया है। परीक्षाओं और शैक्षणिक सत्र की समाप्ति के बाद अपने घरों को लौटने की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों ने शनिवार को पिंक सिटी की सड़कों पर ‘प्री-होली’ का जबरदस्त जश्न मनाया। शहर के प्रमुख कोचिंग हब और हॉस्टल वाले इलाकों में नजारा किसी बड़े मेले जैसा था, जहाँ हजारों की संख्या में स्टूडेंट्स ने ढोल-नगाड़ों और डीजे की तेज धुन पर जमकर डांस किया। एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर छात्रों ने इस पल को यादगार बना दिया और सोशल मीडिया पर भी इस ‘विदाई की होली’ के वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं।
फेस्टिवल टूरिज्म से चहकी पिंक सिटी, ₹150 करोड़ के व्यापार का अनुमान
जयपुर का पर्यटन अब पारंपरिक सीजन की सीमाओं को तोड़कर फेस्टिवल टूरिज्म की नई इबारत लिख रहा है। हालांकि आधिकारिक पर्यटन सीजन समाप्ति की ओर है, लेकिन होली के चार दिवसीय लंबे अवकाश ने पर्यटन उद्योग को नई उड़ान दे दी है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और गुजरात जैसे राज्यों से रोजाना करीब 20 हजार सैलानी जयपुर पहुंच रहे हैं, जिससे शहर के स्मारक, बाजार और होटल पूरी तरह गुलजार हैं। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार होली के दौरान करीब 150 करोड़ रुपये तक का कारोबार होने की उम्मीद है। पर्यटकों के स्वागत के लिए होटलों में जयपुर की खास गुजिया, ठंडाई और पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों का विशेष इंतजाम किया गया है।
रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ और अव्यवस्था का आलम
होली पर घर वापसी की जंग के बीच जयपुर के रेलवे स्टेशनों पर हालात काफी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। जयपुर जंक्शन, गांधीनगर और दुर्गापुरा स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से भीड़ नियंत्रण के ठोस इंतजाम नगण्य नजर आ रहे हैं। जंक्शन के प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज और प्रवेश द्वारों पर दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहता है, जिससे किसी हादसे की आशंका बनी हुई है। यात्रियों की शिकायत है कि स्टेशन पर न तो कोई होल्डिंग एरिया बनाया गया है और न ही अतिरिक्त स्टाफ तैनात है, जिससे सफर बेहद कष्टदायक हो गया है।
रींगस मेले में उलझा रेल प्रशासन, जंक्शन पर इंतजाम पड़े फीके
रेलवे स्टेशनों पर बढ़ती अव्यवस्था के पीछे अधिकारियों का तर्क है कि फिलहाल खाटूश्यामजी का लक्खी मेला चलने के कारण अधिकांश स्टाफ रींगस स्टेशन पर तैनात है। अधिकारियों ने यह स्वीकार किया है कि जयपुर जंक्शन पर जिस स्तर के इंतजाम होने चाहिए थे, वे फिलहाल नहीं हो पाए हैं। हालांकि, उनका दावा है कि मेला समाप्त होने के बाद जंक्शन की स्थिति में सुधार होगा, लेकिन यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रविवार को भीड़ और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में परदेसियों की घर वापसी का यह सफर श्रद्धा और उत्सव के बीच भारी चुनौतियों से भरा साबित हो रहा है।
