राजधानी जयपुर में शुक्रवार शाम को आयोजित ‘राजस्थान सीसाइड स्टार्टअप समिट—2026’ में प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी और संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने ‘इनोवेशन पवेलियन’ का विधिवत उद्घाटन किया। इस खास मौके पर कर्नल राठौड़ ने कैम्पफायर टॉर्च जलाकर कार्यक्रम की शानदार शुरुआत की और पवेलियन में लगाई गई विभिन्न स्टॉल्स का बारीकी से अवलोकन करते हुए वहां मौजूद युवा उद्यमियों का उत्साहवर्धन किया।
युवाओं को दिए सफलता के सूत्र और विकसित भारत का संकल्प
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कर्नल राठौड़ ने कहा कि इस भव्य समिट के जरिए स्टार्टअप प्रतिभाओं को नया कुछ सीखने और खुद को आगे बढ़ाने के बेहतरीन अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजस्थान आज सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प की दिशा में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। राठौड़ ने अपने ओलिंपिक सफर का प्रेरक उदाहरण देते हुए युवाओं को कभी हार न मानने और जीत के लिए निरंतर आगे बढ़ते रहने का अहम सफलता सूत्र भी दिया। इसके साथ ही उन्होंने इस शानदार आयोजन के लिए ओपन इनोवेशन लोटस फाउंडेशन और आर्मेनिया सरकार का विशेष रूप से आभार जताया।
आर्मेनिया के राजदूत ने बताई आईटी की ताकत
इस अवसर पर आर्मेनिया गणराज्य के राजदूत श्री वहागन आफ्यान ने भी सत्र को संबोधित किया और बताया कि आर्मेनिया एक ऐसा देश है जो राष्ट्र के असल विकास की राह सूचना प्रौद्योगिकी में ही मानता है। उन्होंने कहा कि आकार में बहुत छोटा देश होने के बावजूद आर्मेनिया आज एआई (AI), इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, फिनटेक और डीपटेक जैसे एडवांस क्षेत्रों में काफी आगे निकल चुका है। कार्यक्रम में ओपन इनोवेशन लोटस फाउंडेशन के को-फाउंडर युवराज भारद्वाज और सीसाइड स्टार्टअप समिट के को-फाउंडर हाकोब हाकोबयान ने भी मंच से अपने विचार साझा किए।
‘नेतृत्व एवं प्रभाव’ विषय पर हुआ गहन मंथन
समिट के दौरान ‘नेतृत्व एवं प्रभाव – नीति एवं नवाचार के माध्यम से भविष्य को आकार देना’ विषय पर एक बेहद महत्वपूर्ण पैनल चर्चा का आयोजन भी किया गया। मॉडरेटर श्री युवराज भारद्वाज के नेतृत्व में हुई इस चर्चा में इंटेक्स टेक्नोलॉजीज के सीएमडी नरेंद्र बंसल, जेएचएस स्वेंडगार्ड के एमडी निखिल नंदा, महाराष्ट्र के मुख्य सलाहकार कौस्तुभ धवसे, इंडसइंड बैंक के कंट्री हेड रवि हरजाई और एंटरप्राइज आर्मेनिया के एरिक बार्सेघयान ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि यद्यपि व्यवसाय में लाभ कमाना अपनी जगह है, लेकिन हर स्टार्टअप को सामाजिक प्रभाव का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।
‘उद्देश्य-प्रेरित उद्यमों का उदय’ पर पैनल चर्चा
कार्यक्रम में ‘उद्देश्य-प्रेरित उद्यमों का उदय’ विषय पर भी एक अन्य पैनल चर्चा आयोजित हुई, जिसका संचालन आईस्टार्ट के प्रोग्राम मैनेजर श्री धवल सिंघल ने किया। इस चर्चा में डीओआईटी की संयुक्त निदेशक रितिका पंड्या, गौ ऑर्गेनिक्स के पार्टनर मन प्रीत सिंह और एक्सलेर्टेक्स के संस्थापक विवेक चड्ढा शामिल हुए। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि आज के आधुनिक युग में उद्यमिता केवल लाभ कमाने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि समाज और पर्यावरण के कल्याण का उद्देश्य ही अब व्यवसाय की असली ताकत बन गया है।
