पोखरण: भविष्य के युद्ध के मैदान (Future Battlefield) के लिए अपनी तैयारियों को पुख्ता करते हुए भारतीय सेना (Indian Army) की दक्षिणी कमान (Southern Command) ने पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में ‘एक्सरसाइज अग्नि वर्षा’ (Exercise Agni Varsha) का सफल आयोजन किया है। इस हाई-टेम्पो ‘फायर एंड मैन्युवर’ युद्धाभ्यास में सेना ने आधुनिक तकनीकों और ‘मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस’ (Multi-Domain Operations) का शानदार एकीकरण कर दुनिया को अपनी ताकत का एहसास कराया है।
क्या रहा ‘अग्नि वर्षा’ युद्धाभ्यास के केंद्र में?
सेना ने ‘डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन’ (#DecadeOfTransformation) के तहत अपने बदलते युद्ध सिद्धांतों और उच्च युद्ध तत्परता (Combat Readiness) का प्रदर्शन किया:
- ISR और प्रिसिजन स्ट्राइक: इस युद्धाभ्यास में सेना की निरंतर ISR (Intelligence, Surveillance, and Reconnaissance) क्षमताओं और अचूक मारक प्रणालियों (Precision Strike Systems) का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया।
- रैपिड मैन्युवर (तीव्र पैंतरेबाज़ी): युद्ध के मैदान में दुश्मन को संभलने का मौका दिए बिना तेजी से अपनी जगह बदलने और हमला करने (Rapid Battlefield Manoeuvre) की क्षमता को परखा गया।
- नई तकनीकों का समावेश: आधुनिक युद्ध के हर स्पेक्ट्रम में त्वरित और सधी हुई प्रतिक्रिया देने के लिए नई तकनीकों का सहज एकीकरण (Seamless Technology Integration) किया गया।
28 विदेशी रक्षा पत्रकारों ने देखा भारत का ‘क्रैडिबल डिटरेंस’
भारत की इस बढ़ती सैन्य ताकत, ऑपरेशनल तैयारियों और ‘विश्वसनीय निवारक क्षमता’ (Credible Deterrence Posture) को देखने के लिए दुनिया भर के 28 विदेशी रक्षा पत्रकार (Foreign Defence Journalists) विशेष रूप से पोखरण में मौजूद रहे। अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस युद्धाभ्यास ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारतीय सेना भविष्य की किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह से आधुनिक और तैयार है।
