(जयपुर)। राजस्थान में जलदाय विभाग (PHED) और जल जीवन मिशन (JJM) में हुए करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के मामले में सोमवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी की टीमों ने सुबह 3-4 बजे से ही जयपुर, उदयपुर, बाड़मेर समेत दिल्ली, झारखंड और बिहार के 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की।
8-9 बड़े अधिकारी हिरासत में, रिटायर्ड IAS के घर भी रेड एसीबी ने इस महा-अभियान में विभाग के शीर्ष अधिकारियों को हिरासत में लिया है। सूत्रों के मुताबिक, करीब 8 से 9 इंजीनियर्स और अधिकारियों को हिरासत में लेकर एसीबी मुख्यालय लाया गया है, जहां उनसे पूछताछ जारी है। एसीबी ने रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल (Retd. IAS Subodh Agarwal) के ठिकानों पर भी दबिश दी है। माना जा रहा है कि पूछताछ के बाद एसीबी और भी गिरफ्तारियां कर सकती है।
हिरासत में लिए गए प्रमुख नाम: सूत्रों के अनुसार, एसीबी ने जिन्हें हिरासत में लिया है, उनमें शामिल हैं:
- के.डी. गुप्ता (CE – मुख्य अभियंता)
- दिनेश गोयल (CE – मुख्य अभियंता)
- दिलीप कुमार गौड़ (रिटायर्ड CE)
- निरिल कुमार (ACE – अतिरिक्त मुख्य अभियंता)
- शुभांशु दीक्षित (ACE)
- अरुण श्रीवास्तव (रिटायर्ड ACE)
- एम.पी. सोनी (रिटायर्ड SE)
- सुशील शर्मा (तत्कालीन FA – जेजेएम)
- विशाल सक्सेना (सस्पेंड XEN)
क्या है पूरा घोटाला? यह पूरा मामला इरकॉन (IRCON) के फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर करोड़ों रुपये के टेंडर हथियाने से जुड़ा है।
- आरोप है कि इन अधिकारियों ने मिलीभगत कर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर चहेती फर्मों को करोड़ों रुपये के वर्क ऑर्डर (Work Orders) जारी किए।
- हैरानी की बात यह है कि फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद भी इन अधिकारियों ने मामले को दबाए रखा और फर्मों को फर्जी कार्यों का भुगतान भी करवा दिया।
एसीबी के टॉप बॉस कर रहे मॉनिटरिंग इस पूरी कार्रवाई का सुपरविजन खुद एसीबी के शीर्ष अधिकारी कर रहे हैं:
- गोविन्द गुप्ता (DG, ACB)
- स्मिता श्रीवास्तव (ADG, ACB)
- रामेश्वर सिंह (DIG, ACB)
- पुष्पेन्द्र सिंह (SP, ACB)
